मुंबई. खून के रिश्ते और भरोसे को नाजायज संबंधों के विवाद ने किस कदर लहूलुहान कर दिया, इसकी बानगी खार (Khar) में सामने आई एक हत्या की गुत्थी सुलझने के बाद देखने को मिली। निर्माणाधीन इमारत में मिले मजदूर के शव के पीछे कोई अजनबी नहीं, बल्कि उसका अपना भतीजा निकला, जिसने अनैतिक संबंधों को लेकर हुए विवाद में चाचा की जान ले ली और खुद ही शिकायतकर्ता बनकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। खार पुलिस स्टेशन (Khar Police Station) ने महज दो दिन के भीतर तकनीकी सबूतों और वैज्ञानिक पूछताछ के दम पर इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
ये है पूरा मामला
खार पश्चिम (Khar West) स्थित रोड नंबर 7 (Road No. 7) पर एसबीआई बैंक (SBI Bank) के सामने निर्माणाधीन “AOS Genesis” प्रोजेक्ट की साइट पर 18 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे पश्चिम नियंत्रण कक्ष (West Control Room), मुंबई से खार पुलिस स्टेशन (Khar Police Station) को सूचना मिली कि सीमेंट की बोरियों के नीचे एक व्यक्ति बेहोश अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां जांच में पता चला कि व्यक्ति की मौत हो चुकी है। मृतक की पहचान समस्तीपुर, बिहार (Samastipur, Bihar) निवासी रविशंकर नंदकिशोर गिरी (Ravishankar Nandkishor Giri), उम्र 35 वर्ष, पेशे से निर्माण मजदूर के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने रविशंकर की हत्या कर उसका शव निर्माण सामग्री के नीचे छिपा दिया था। इसके आधार पर खार पुलिस स्टेशन (Khar Police Station) में 19 अगस्त 2026 को रात 1:40 बजे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला क्रमांक 1372/2026 दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार यह घटना 17 अगस्त की सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच घटी थी।
जांच में ऐसे खुली गुत्थी
जांच टीम ने घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल करते हुए तकनीकी साक्ष्यों, वहां मौजूद परिस्थितियों और साइट पर काम करने वाले अन्य मजदूरों से मिली जानकारी का गहराई से अध्ययन किया। इसी दौरान पुलिस को शक हुआ कि मृतक का भतीजा, उम्र 17 वर्ष 8 माह, निवासी समस्तीपुर, बिहार (Samastipur, Bihar), जो खुद को शिकायतकर्ता बताकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहा था, वास्तव में कुछ छिपा रहा है। जांच टीम ने उसकी बोलने की शैली, हावभाव, घटनाक्रम को लेकर दी गई जानकारी और बयान में मौजूद विसंगतियों पर बारीकी से नजर रखी। इसके बाद उससे वैज्ञानिक व तकनीकी तरीके से पूछताछ की गई। घटनास्थल के तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल, अन्य मजदूरों से हुई पूछताछ और आरोपी के बयान में मिली विसंगतियों को आपस में जोड़ने पर जांच टीम का शक और पुख्ता हो गया। अंततः जांच में साफ हो गया कि मृतक का भतीजा विशालकुमार रामलखन गिरी (Vishalkumar Ramlakhan Giri) ही इस हत्याकांड का आरोपी है।
नाजायज रिश्ते बने हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या अनैतिक संबंधों को लेकर हुए विवाद के चलते की गई। पारिवारिक रिश्ते की आड़ में पनपे इसी विवाद ने भतीजे को चाचा की हत्या तक पहुंचा दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच टीम की भूमिका
इस मामले को कम समय में सुलझाने में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष काटे (Santosh Kate) के मार्गदर्शन में गठित टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस निरीक्षक राहुल देशमुख (Rahul Deshmukh) दिनपाली पर्यवेक्षक और तपासी अधिकारी रहे, जबकि पुलिस निरीक्षक प्रकाश मोरे (Prakash More) ने अपराध शाखा की जिम्मेदारी संभाली। सहायक पुलिस निरीक्षक संदीप पाटील (Sandeep Patil), योगेश जाधव (Yogesh Jadhav) और हणमंत कुंभारे (Hanmant Kumbhare) के साथ ही पुलिस उपनिरीक्षक दिनेश पाटील (Dinesh Patil), शैलेश चौधरी (Shailesh Chaudhary) और भाग्यश्री शहाणे (Bhagyashree Shahane) भी जांच टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा हवलदार राजकुमार कांबले (Rajkumar Kamble), कुंदन कदम (Kundan Kadam), अजित महाडिक (Ajit Mahadik), विनोद मदतवाडकर (Vinod Madatwadkar) और पुलिस सिपाही महेश लहामगे (Mahesh Lahamge), नामदेव सावंत (Namdev Sawant), विशाल भामरे (Vishal Bhamre), संतोष कांबले (Santosh Kamble), अभिजीत कदम (Abhijeet Kadam), सुमीत अहिवले (Sumit Ahivale), सचिन चव्हाण (Sachin Chavan) व माणिक ठोंबरे (Manik Thombre) ने भी जांच में सहयोग दिया।
नाजायज संबंधों की नश्तर : खार में भतीजा निकला मजदूर का हत्यारा
Article Top Ad
Article Inline Ad
Article Bottom Ad