मुंबई: अजित पवार का विमान हादसा अब केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि संभावित साज़िश के रूप में देखा जा रहा है। रोहित पवार के लगातार खुलासों ने जांच की दिशा और राजनीतिक माहौल दोनों को गरमा दिया है। अब सबकी नजरें आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि यह हादसा था या घातपात।
दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कथित साज़िश की ओर बढ़ता दिख रहा है। एनसीपी विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर सवाल और आरोप खड़े किए हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई है।
यूरोपीय एजेंसी से जांच रोकी गई?
रोहित पवार ने दावा किया कि बारामती विमान हादसे की जांच यूरोपीय एजेंसी से कराई जानी थी, लेकिन “एक बड़े नेता” के हस्तक्षेप के कारण यह जांच रोक दी गई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित घातपात हो सकता है।
‘वह बड़ा नेता कौन?’
रोहित पवार के आरोपों के बाद यह सवाल तेज हो गया है कि आखिर वह “पूर्व विदर्भ का बड़ा नेता” कौन है, जिसने जांच रुकवाई और आखिरी समय में अजित पवार की यात्रा में देरी करवाई।
अंतिम समय में बदली गई यात्रा योजना
रोहित पवार के अनुसार, अजित पवार का विमान से जाना ऐन वक्त पर तय हुआ। तय पायलट के बजाय दूसरे पायलट को उड़ान सौंपी गई। नियमित विमान के बजाय दूसरा विमान दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विमान तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित था और उसकी नियमित जांच हुई थी या नहीं।
फाइल पर हस्ताक्षर और देरी का रहस्य
रोहित पवार का दावा है कि पूर्व विदर्भ के एक नेता ने अजित पवार को एक फाइल पर हस्ताक्षर के लिए मुंबई में रोके रखा। सूत्रों के मुताबिक यह फाइल भंडारा-गोंदिया की एक राइस मिल से जुड़ी थी। इसी देरी के कारण अजित पवार को अगले दिन विमान से यात्रा करनी पड़ी।
‘शव असामान्य रूप से सूजन’
दिल्ली के प्रेस क्लब में रोहित पवार ने एक और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के अनुसार अजित पवार का शव सामान्य से कहीं अधिक सूजा हुआ था, जो एक “असामान्य” स्थिति है। इससे हादसे के पीछे किसी और कारण की आशंका और गहरी हो गई।
सीबीआई और विदेशी एजेंसियों से जांच की मांग
रोहित पवार ने मांग की है कि जांच सिर्फ CID तक सीमित न रहे।
CBI, DGCA के साथ कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका या फ्रांस की कम से कम दो विदेशी एजेंसियों को जांच में शामिल किया जाए।
एक महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सामने लाई जाए।
पीड़ित परिवार को भी शंका
हादसे में मारे गए केबिन क्रू सदस्य पिंकी माली के पिता शिवकुमार माली ने भी घातपात की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यदि सच्चाई सामने आई तो कई लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं।
DGCA की कार्रवाई
हादसे के दो हफ्ते बाद DGCA अधिकारियों ने बारामती हवाई अड्डे का निरीक्षण किया। यहां पायलट ट्रेनिंग संस्थान होने के कारण सुरक्षा और संचालन की जांच की गई।
हादसे में जान गंवाने वाले
अजित पवार – उपमुख्यमंत्री
विदीप जाधव – सुरक्षा रक्षक
पिंकी माली – केबिन क्रू
कैप्टन सुमित कपूर – पायलट
कैप्टन शांभवी पाठक – पायलट
मुख्यमंत्री फडणवीस का जवाब
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अजित पवार वरिष्ठ नेता थे, इसलिए जांच की मांग गलत नहीं है। केंद्र सरकार को पत्र लिखा जा चुका है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जांच समिति गठित कर दी है। हालांकि उन्होंने जांच पूरी होने से पहले अटकलें लगाने से बचने की सलाह दी।
