मुंबई: पूर्व मंत्री और एनसीपी (अजीत पवार) पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में बिल्डर लॉबी को मुंबई पुलिस ने क्लीन चिट दी है। मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में स्पष्ट किया है कि पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दिकी की हत्या में बिल्डर लॉबी या किसी निर्माण व्यवसायी की कोई भूमिका नहीं पाई गई है। पुलिस का दावा है कि बिल्डर लॉबी से जुड़े आरोप बेबुनियाद और महज संदेह एवं अटकलों पर आधारित हैं।
संगठित अपराध सिंडिकेट की साजिश
मुंबई पुलिस द्वारा दायर हलफनामे में सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) किशोरकुमार शिंदे ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि यह हत्या अनमोल बिश्नोई के नेतृत्व वाले संगठित अपराध सिंडिकेट ने कराई थी। इसका उद्देश्य दहशत फैलाना, वर्चस्व स्थापित करना और आर्थिक लाभ हासिल करना था। किसी भी बिल्डर या डेवलपर की संलिप्तता के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण की कोशिश
हलफनामे में यह भी कहा गया है कि अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से प्रत्यर्पित कराने के प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि जांच अधिकारी कानून के दायरे में रहकर ईमानदारी और निरंतरता से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
पत्नी के आरोप ‘निराधार’
मुंबई पुलिस ने दावा किया कि बाबा सिद्दिकी की पत्नी शहज़ीन सिद्दिकी द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन, निराधार और पुलिस की छवि खराब करने की मंशा से प्रेरित हैं।
क्या है पूरा मामला?
12 अक्टूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा – पूर्व इलाके में तीन हमलावरों ने बाबा सिद्दिकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में शहज़ीन सिद्दिकी ने अपने वकील त्रिवनकुमार कर्णानी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि
हत्या के पीछे बिल्डर लॉबी और एक राजनीतिक नेता का हाथ हो सकता है। उनका दावा है कि दिवंगत सिद्दिकी झुग्गी-झोपड़ीवासियों के हितों के लिए काम करते थे, जिससे वे कई डेवलपर्स के लिए बाधा बन रहे थे
पुलिस ने इस एंगल से जांच नहीं की
संदिग्धों के सत्ताधारी दल से संबंध हैं, इसलिए स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराई जाए। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए अदालत को बताया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और सबूतों के आधार पर की गई है।

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