CM देवेंद्र ने परियोजना का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की
पालघर : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 1,400 किलोमीटर लंबे, 8-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के वडोदरा–मुंबई खंड का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा।
महाराष्ट्र में 157 किलोमीटर लंबा खंड अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में वडोदरा–मुंबई खंड की कुल लंबाई लगभग 157 किलोमीटर है, जिस पर लगभग 24 हजार करोड़ रुपए की लागत से काम किया जा रहा है। यह कार्य सात निर्माण पैकेजों में विभाजित है, जिनमें से पांच पूरे हो चुके हैं और यातायात के लिए तैयार हैं। शेष दो पैकेज अगस्त 2026 तक पूरे होने की संभावना है। राज्य से गुजरने वाला पूरा मार्ग 31 अगस्त 2026 तक यातायात के लिए खोलने की योजना है।
वडोदरा से मुंबई की यात्रा होगी सिर्फ चार घंटे
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद वडोदरा से मुंबई की यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और जाम-मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा, जबकि व्यावसायिक परिवहन भी अधिक तेज़ और सुगम होगा।
जेएनपीए तक माल परिवहन को मिलेगा नया विकल्प
फडणवीस ने कहा कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) से इसकी सीधी कनेक्टिविटी है। इसके माध्यम से उत्तर भारत से जेएनपीए तक माल परिवहन अधिक तेज़, किफायती और विश्वसनीय होगा। साथ ही ठाणे, भिवंडी और घोड़बंदर मार्ग पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से होने वाली समय और ईंधन की बर्बादी में भी कमी आएगी।
उद्योग, निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तर और पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को मुंबई के बंदरगाह नेटवर्क से बेहतर संपर्क मिलने से निर्यात, उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे देश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version