मुंबई: बांद्रा पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के सचिव वरुण सतीश सरदेसाई ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त को एक पत्र लिखकर मुंबई में प्रस्तावित फेज-3 सड़क कंक्रीटीकरण कार्यों पर तत्काल पुनर्विचार करने और इस प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की है.
फेज-1 और फेज-2 का काम अधूरा
विधायक वरुण सरदेसाई ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि बीएमसी ने पिछले चार वर्षों में मुंबई की लगभग सभी प्रमुख सड़कों के कंक्रीटीकरण का बड़ा अभियान हाथ में लिया था. इस काम पर मुंबईकरों की गाढ़ी कमाई से अनुमानित दस से बारह हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए. इसके बाद भी चार वर्षों में ये कार्य पूरा नहीं हो सका है और आज भी मुंबई के अनेक इलाकों में सड़कें खोदकर छोड़ी हुई हैं. इससे नागरिकों को भारी यातायात जाम, धूल, प्रदूषण और असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है.
निम्न गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
सरदेसाई ने पत्र में यह भी बताया कि पूर्ण हो चुकी अनेक सड़कों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों की ओर से लगातार शिकायतें जनप्रतिनिधियों तक पहुंच रही हैं. इतना ही नहीं, फेज-1 और फेज-2 के कार्यों में बड़े पैमाने पर कार्टेलाइजेशन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी पहले विभिन्न स्तरों पर लगाए जा चुके हैं. उन्होंने ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर विधानसभा में भी पहले कई बार आवाज उठाई है.
अब फेज-3 में सर्विस रोड और साइड स्ट्रिप्स के कंक्रीटीकरण का प्रस्ताव
सरदेसाई ने पत्र में चिंता जताते हुए कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि फेज-1 और फेज-2 के बाद अब बीएमसी फेज-3 के अंतर्गत फिर से बड़े पैमाने पर सड़क कंक्रीटीकरण की प्रक्रिया शुरू करना चाहती है. इसमें विशेषतः पूर्वी और पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे के किनारे स्थित सर्विस रोड को फिर से खोदकर उनका कंक्रीटीकरण करने का प्रस्ताव है. साथ ही अनेक सड़कों की मौजूदा एस्फाल्ट साइड स्ट्रिप्स को भी कंक्रीट में बदलने का विचार चल रहा है.
अधिकांश सर्विस रोड अभी ठीक हालत में
विधायक ने तर्क दिया कि वर्तमान स्थिति में पूर्वी और पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे की अधिकांश सर्विस रोड अच्छी अवस्था में हैं. जहां कहीं मामूली गड्ढे हैं, वहां एस्फाल्ट से मरम्मत करना पूरी तरह संभव है. पूरी सर्विस रोड को दोबारा खोदने से पहले से ही भीषण यातायात जाम झेल रहे मुंबईकरों को और अधिक गंभीर परेशानी उठानी पड़ेगी और जब तक ये काम पूरे होंगे, तब तक यातायात व्यवस्था पर भारी बोझ बनेगा.
हजारों करोड़ का खर्च क्यों?
सरदेसाई ने अपने पत्र में एक बेहद महत्वपूर्ण सवाल उठाया है कि इस प्रस्तावित फेज-3 पर फिर से अनुमानित पांच से छह हजार करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है. उन्होंने याद दिलाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के सामने बड़ी आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख किया है. ऐसी परिस्थिति में बीएमसी का इतने विशाल खर्च पर अड़े रहना एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है.
तीन सूत्री मांग
विधायक सरदेसाई ने बीएमसी आयुक्त से विनम्रतापूर्वक तीन प्रमुख मांगें की हैं. पहली, यदि फेज-3 की कोई भी प्रक्रिया चल रही हो तो उसे तत्काल स्थगित किया जाए. दूसरी, जहां गड्ढे हों वहां आवश्यक मरम्मत कर, सर्विस रोड पर अतिक्रमण हटाकर यातायात सुगम बनाया जाए. तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि महानगरपालिका सबसे पहले वर्तमान में चल रहे अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने पर ध्यान दे.
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