मुंबई. महाराष्ट्र शासन के 150 दिवसीय ई-गव्हर्नेंस और सेवाकर्मी कार्यक्रम में राज्य के पांच प्रमुख विभागों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्यस्तरीय सम्मान अर्जित किया। सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, मंत्री आशिष शेलार और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में यह पुरस्कार प्रदान किए गए। Quality Council of India द्वारा 127 मानकों पर किए गए मूल्यांकन में 57 विभागों ने भाग लिया।
महिला व बाल विकास -प्रथम स्थान
सेवाकर्मी कार्यक्रम में सभी विभागों को पीछे छोड़ते हुए महिला व बाल विकास विभाग ने पहला स्थान हासिल किया। विभाग के सचिव डॉ. अनुपकुमार यादव को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया। पदोन्नति ट्रैकिंग, ‘डिजिटल महापर’ के जरिए गोपनीय रिपोर्टों का डिजिटाइजेशन और E-HRMS प्रणाली के प्रभावी उपयोग ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन विभाग – दूसरा स्थान
200 में से 171.5 अंक प्राप्त कर महाराष्ट्र वन विभाग ने दूसरा स्थान अर्जित किया। अपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर ने मुख्यमंत्री के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। विभाग ने 33 रियल-टाइम डैशबोर्ड विकसित किए, जिनसे वृक्षारोपण, वनाग्नि और सेवाओं की निगरानी संभव हुई। AI आधारित वनाग्नि पूर्व चेतावनी प्रणाली ने 10,000 से अधिक अलर्ट उत्पन्न किए। GIS जियो-पोर्टल पर 40 से अधिक स्पेशियल लेयर और ‘PM गतिशक्ति’ योजना के अनुरूप वैज्ञानिक वन प्रबंधन भी उल्लेखनीय रहा। म्हैसकर ने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से वन विभाग ने डिजिटल प्रशासन में एक आदर्श स्थापित किया है।
जल आपूर्ति एवं स्वच्छता – तीसरा स्थान
प्रधान सचिव पराग जैन-नैनुटिया के नेतृत्व में इस विभाग ने 200 में से 170.50 अंक अर्जित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। AI, IoT और GIS तकनीक से जल गुणवत्ता का रियल-टाइम विश्लेषण और शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाया गया।
पर्यावरण विभाग – पांचवां स्थान
159.29 अंकों के साथ पर्यावरण व वातावरणीय बदल विभाग ने पांचवां स्थान हासिल किया। विभाग सचिव जयश्री भोज को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर सभी 7 सेवाएं पूर्णतः ऑनलाइन की गईं। मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच 5,450 फाइलें औसतन 7 दिनों में निपटाई गईं। व्हाट्सएप के जरिए निर्माण व तोड़फोड़ कचरा परमिट देने का अभिनव उपक्रम भी सराहनीय रहा।
शालेय शिक्षण विभाग – छठा स्थान
मंत्री दादाजी भुसे के नेतृत्व में शिक्षण विभाग ने छठा स्थान अर्जित किया। AI आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट से नागरिकों को 24×7 द्विभाषिक सेवा मिल रही है। ‘निपुण महाराष्ट्र’ ऐप के पायलट में 90 प्रतिशत सटीकता और 30 से 40 प्रतिशत समय की बचत दर्ज की गई। इन पांचों विभागों की उपलब्धियां यह स्पष्ट करती हैं कि तकनीक, पारदर्शिता और जनकेंद्रित प्रशासन के समन्वय से महाराष्ट्र डिजिटल गव्हर्नेंस में देश के सामने एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

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