फर्जी बैंक गारंटी के जरिए महावितरण को लगाया चूना
मुंबई: महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) की सौरकृषि ऊर्जा वाहिनी 2.0 निविदा प्रक्रिया में 122.85 करोड़ रुपए की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में शामिल कई कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ मुंबई की आर्थिक अपराध शाखा में आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
रबर स्टैम्प से तैयार की गई फर्जी बैंक गारंटी
जानकारी के अनुसार, आरोपी कंपनियों ने फर्जी रबर स्टैम्प का उपयोग कर नकली बैंक गारंटी तैयार की और उन्हें असली बताकर महावितरण को सौंप दिया। इन गारंटियों के आधार पर कंपनियों ने विद्युत खरीद समझौते (पीपीए) किए। हालांकि, समझौते के अनुसार कंपनियों ने वित्तीय समापन (फाइनेंशियल क्लोजर) प्रस्तुत नहीं किया। जब महावितरण ने बैंक गारंटी भुनाने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया, तब ये गारंटी फर्जी पाई गईं। इस कारण महावितरण को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
इन कंपनियों पर दर्ज हुआ मामला
20 फरवरी 2026 को आर्थिक अपराध शाखा, मुंबई में निम्न कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया:
एम/एस नाकोफ ऊर्जा प्रा. लिमिटेड
एम/एस एनओपीएल प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. (एसपीवी)
बैंक गारंटी: 48.45 करोड़ रुपए
एम/एस इंटीग्रेशन इंडक्शन पावर लि.
एम/एस आईआईपीएल थ्री हिंगोली प्रा. लि. (एसपीवी) एवं
एम/एस आईआईपीएल फोर परभणी प्रा. लि. (एसपीवी)
बैंक गारंटी: 13.65 करोड़ रुपए
एम/एस नाकोफ ऊर्जा प्रा. लि.
एम/एस एनओपीएल पेस ग्रीन एनर्जी प्रा. लि. (एसपीवी)
बैंक गारंटी: 49.50 करोड़ रुपए
एम/एस ओनिक्स रिन्यूएबल लि., एम/एस ओनिक्स आईपीपी प्रा. लि. (एसपीवी)
बैंक गारंटी: 11.25 करोड़ रुपए
इन सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत निर्मल नगर पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 127/2026 से 130/2026 तक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
कई राज्यों में छापेमारी
21 फरवरी 2026 को जांच के सिलसिले में मुंबई, ठाणे, नवी दिल्ली, इंदौर (मध्य प्रदेश), अहमदाबाद और राजकोट (गुजरात) सहित विभिन्न स्थानों पर कंपनियों के कार्यालयों और आरोपियों के निवास स्थानों पर तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई की गई।
जांच जारी
इस पूरे मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा, मुंबई द्वारा की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, फर्जी बैंक गारंटी के माध्यम से सरकार को कुल 122.85 करोड़ रुपये की चपत लगाई गई है और मामले में अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version