मुंबई : सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह के खिलाफ मुंबई की दिंडोशी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जाल बिछाकर अब तक 7 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो गरीबों के हक पर डाका डालकर शासन और आम जनता को चूना लगा रहे थे।
सरकारी योजनाओं की आड़ में धोखाधड़ी
यह गिरोह विशेष रूप से महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM JAY) जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर सक्रिय था। इसके लिए ये लोग फर्जी राशन कार्ड, स्लम फोटो पास और एमएमआरडीए (MMRDA) के फर्जी अलॉटमेंट लेटर तैयार करते थे।
ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़
दिंडोशी पुलिस की एटीसी (ATC) टीम जब 7 फरवरी 2026 को गश्त पर थी, तब मलाड पूर्व के रानी सती मार्ग पर सुजल सत्यनारायण दयाल (21 वर्ष) नामक युवक को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से फर्जी राशन कार्ड और एमएमआरडीए के अलॉटमेंट लेटर मिले। कड़ी पूछताछ और घर की तलाशी के बाद पुलिस के हाथ 340 से अधिक फर्जी राशन कार्ड और दस्तावेज बनाने के उपकरण लगे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने इस मामले में अब तक निम्नलिखित आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है:
सुजल सत्यनारायण दयाल (21 वर्ष)
राकेश भगत सिंह (43 वर्ष)
दिनेशकुमार प्रेमचंद केसरवानी (40 वर्ष)
एडवर्ड उर्फ ​​सोनू सेबेस्टियन डिसूजा (46 वर्ष)
मणिशंकर हरिशंकर शर्मा (31 वर्ष)
विपिन राजकुमार पांडे (42 वर्ष)
वीरू रामनारायण गुप्ता (31 वर्ष)
भारी मात्रा में सामग्री बरामद
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से अपराध में इस्तेमाल होने वाली निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:
343 जाली राशन कार्ड (कौटुंबिक पुरवठा पत्रिका)
03 एमएमआरडीए अलॉटमेंट लेटर
01 लैपटॉप और 02 प्रिंटर (दस्तावेज बनाने के लिए)
09 मोबाइल फोन और अन्य सर्वेक्षण पहचान पत्र
अस्पतालों और एजेंटों का नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार मुंबई के अलावा मीरा रोड, ठाणे और वसई जैसे इलाकों तक फैले हुए हैं। ये लोग विभिन्न अस्पतालों में कमीशन के आधार पर काम करते थे और जरूरतमंदों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं में शामिल कर शासन के साथ धोखाधड़ी करते थे।
पुलिस की कार्रवाई
यह सफल ऑपरेशन अपर पुलिस आयुक्त शशि कुमार मीना, पुलिस उपायुक्त (परिमंडल 12) और सहायक पुलिस आयुक्त विनय भिसे के मार्गदर्शन में दिंडोशी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक महेंद्र शिंदे और उनकी टीम द्वारा अंजाम दिया गया। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक शिवशंकर भोसले कर रहे हैं।

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