गोकुल गीते ने शिवसेना (शिंदे) का सहयोगी सदस्य बनने का किया ऐलान
मुंबई. नाशिक विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना (शिंदे) उम्मीदवार नरेंद्र दराडे की हार को लेकर विपक्ष ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा था। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी शिंदे पर तंज कसा था। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया, जब विजयी निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने विधान परिषद में शिवसेना (शिंदे) के सहयोगी सदस्य के रूप में काम करने की घोषणा कर दी।
नतीजों के बाद आदित्य ठाकरे का तंज
नाशिक विधान परिषद चुनाव में शिवसेना (शिंदे) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे की हार के बाद मीडिया से बातचीत में आदित्य ठाकरे ने शिंदे पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी की। भाजपा द्वारा शिंदे गुट का “करेक्ट कार्यक्रम” किए जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने शिंदे की शैली की नकल करते हुए दाढ़ी खुजलाने का अभिनय किया और कहा, “अरे, ये सिर्फ ट्रेलर है।” इस दौरान उन्होंने हंसते हुए शिंदे पर कटाक्ष किया।
गीते को साधने में जुटा शिंदे खेमा
चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि निर्दलीय विजेता गोकुल गीते आगे भाजपा के साथ जा सकते हैं। इसी बीच शिवसेना (शिंदे) के मंत्री उदय सामंत ने गीते से संपर्क कर बातचीत शुरू की। बातचीत सकारात्मक रहने के बाद गीते को विशेष विमान से मुंबई लाया गया, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री आवास ‘नंदनवन’ में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर बंद कमरे में विस्तृत चर्चा की।
शिवसेना के सहयोगी सदस्य के रूप में करेंगे काम
बैठक के बाद श्रीकांत शिंदे और शिवसेना के अन्य नेताओं की मौजूदगी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोकुल गीते ने घोषणा की कि वे विधान परिषद में शिवसेना (शिंदे) के सहयोगी सदस्य के रूप में काम करेंगे। उन्होंने भविष्य में पार्टी की जिम्मेदारियां निभाने की भी इच्छा जताई।
राजनीतिक संदेश
नाशिक विधान परिषद चुनाव के बाद हुए इस घटनाक्रम को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव में शिवसेना उम्मीदवार को हराने वाले निर्दलीय विधायक का कुछ ही घंटों में शिंदे खेमे के साथ आना राज्य की बदलती राजनीतिक रणनीतियों और समीकरणों की नई तस्वीर पेश करता है।

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