मुंबई : मोहर्रम जुलूस के दौरान दक्षिण मुंबई में कथित रूप से ज़हरीली कैप्सूल बांटने के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फैयाज प्रेमजी ने अपनी वैवाहिक और पारिवारिक जिंदगी में आई उथल-पुथल के लिए अपने ही समाज को जिम्मेदार मान लिया था। पुलिस का कहना है कि इसी मानसिकता और कथित प्रतिशोध की भावना ने उसे इस गंभीर साजिश को अंजाम देने की योजना बनाने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
टूटे रिश्तों ने पैदा की कथित नफरत
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि करीब चार वर्ष पहले फैयाज प्रेमजी की शादी हुई थी, लेकिन बाद में उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। परिवार के अन्य सदस्यों से भी उसके संबंध अच्छे नहीं थे, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी व्यक्तिगत परेशानियों के लिए अपने ही समाज के एक वर्ग को जिम्मेदार मानने लगा था और इसी कारण उसके मन में कथित रूप से गहरी नफरत पैदा हो गई।
मोहर्रम की भीड़ को बनाया कथित निशाना
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी ने भीड़भाड़ वाले मोहर्रम जुलूस को कथित रूप से अपनी योजना के लिए चुना। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसका उद्देश्य बड़ी संख्या में लोगों तक ज़हरीली कैप्सूल पहुंचाना था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के कारण उसकी योजना शुरुआती चरण में ही विफल हो गई।
14,900 ज़हरीली कैप्सूल और ज़िंक फॉस्फाइड बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चूहे मारने में इस्तेमाल होने वाले ज़हर ज़िंक फॉस्फाइड से भरी 14,900 कैप्सूल बरामद की हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने लगभग 50 किलो ज़िंक फॉस्फाइड और करीब 30 हजार खाली कैप्सूल खरीदी थीं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और खरीद प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
आतंकी कनेक्शन के सबूत नहीं, जांच जारी
मुंबई पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में आरोपी के किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। फिर भी उसके मोबाइल फोन, इंटरनेट गतिविधियों और विदेश यात्राओं की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

एक व्यक्ति की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

जांच के अनुसार, आरोपी द्वारा दी गई कैप्सूल खाने के बाद सलमान सैयद की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर शिया समुदाय के स्थानीय नेताओं को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जुलूस में मौजूद लोगों को तुरंत सतर्क किया गया, जिससे कई लोगों ने कैप्सूल का सेवन नहीं किया। पुलिस का मानना है कि इस समय पर मिली सूचना से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस की नजर पड़ते ही खुली साजिश
पुलिस के अनुसार, जुलूस के दौरान आरोपी लोगों को तीन-तीन कैप्सूल वाले पैकेट बांट रहा था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उसे रोककर पूछताछ की गई। बाद में अस्पताल से एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर जांच तेज हुई और आरोपी की कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, वह केवल 15 से 20 कैप्सूल ही बांट पाया था, जबकि उसके पास बड़ी मात्रा में ज़हरीली कैप्सूल का भंडार मौजूद था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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