जहांगीर आर्ट गैलरी में जैन कमल की अक्षर लिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन
मुंबई. दक्षिण मुंबई स्थित जहांगीर आर्ट गैलरी में ‘विश्व शांति के लिए णमोकार महामंत्र’ नामक विशेष कला प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन हुआ. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि णमोकार मंत्र का केवल उच्चारण करने से न सिर्फ मन को असीम शांति मिलती है, बल्कि इसके जरिए पूरे विश्व में शांति और सौहार्द स्थापित किया जा सकता है. प्रसिद्ध चित्रकार जैन कमल द्वारा तैयार की गई इस अनूठी प्रदर्शनी का आयोजन 26 मई से 1 जून तक किया जा रहा है.
दत्तात्रेय होसबाले ने जैन कमल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके चित्र महज कलाकृतियां नहीं बल्कि एक सुंदर सृष्टि हैं. मंत्र शाश्वत होते हैं जिन्हें हमारे ऋषि-मुनियों ने समाज को दिया है और जैन कमल ने इसे अक्षर लिपि के माध्यम से दुनिया के सामने लाया है. उन्होंने रेखांकित किया कि अंग्रेजी में कई फॉन्ट्स मौजूद हैं, लेकिन देवनागरी भाषा में फॉन्ट निर्माण का रचनात्मक कार्य गिने-चुने कलाकारों ने ही किया है, जिनमें जैन कमल का नाम हमेशा सबसे आगे रहा है. इस दौरान उन्होंने आपातकाल के समय बेंगलुरु जेल की एक भावुक याद साझा करते हुए बताया कि कैसे वहां बंद स्वयंसेवक नियमित रूप से णमोकार मंत्र का पाठ करते थे, जिसने विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों को एकजुट करने का काम किया.
आत्मशुद्धी और विश्व कल्याण का मूलमंत्र
इस अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री नयपद्मसागर सुरीश्वर जी महाराज ने अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि णमोकार महामंत्र केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि ब्रह्मांड का सार्वभौम मंत्र है जो मनुष्य की आत्मा को विकारों से दूर कर अत्यंत निर्मल बनाता है. कलियुग में आत्मशुद्धी के लिए यह एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है. उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही विश्व शांति का सच्चा मूलमंत्र है. संगठित शक्ति और मंत्र साधना के एकत्रित प्रभाव से ही मानव जाति का कल्याण संभव है.
तीन अनूठे भागों में विभाजित है प्रदर्शनी
कलाकार जैन कमल ने अपनी इस अनूठी कलाकृति के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के पहले भाग में विश्व के सार्वभौम ‘णमोकार मंत्र’ पर आधारित चित्रों को प्रदर्शित किया गया है. प्रदर्शनी का दूसरा भाग देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोक-कल्याणकारी कार्यों को समर्पित है. वहीं, इसके तीसरे और अंतिम भाग में ‘पब्लिकेशन डिजाइन’ के बेहतरीन और उत्कृष्ट नमूनों को कलाप्रेमियों के सामने प्रस्तुत किया गया है.

