मुंबई : जुहू इलाके में एक व्यापारी परिवार के घर में काम करने वाले रसोइये ने खौफनाक साजिशों की खिचड़ी पकाई. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मालिक परिवार को लूटने और उनकी हत्या करने की साजिश रची. इस साजिश को अंजाम देने के प्रयास के दौरान उसने इमारत के सुरक्षा रक्षक की गला घोंटकर हत्या भी कर दी. लेकिन व्यापारी परिवार की हत्या और लूट की उसकी योजना सफल नहीं हो पाई. बल्कि पुलिस ने रसोइये को साजिश में शामिल उसके 4 अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है.
जुहू पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 310(3) और 238 के तहत दर्ज मामले के अनुसार, 2 अगस्त, 2026 की रात करीब 12:40 बजे से 4 बजे के बीच एक व्यावसायिक व्यक्ति के फ्लैट को लूटने के इरादे से आए आरोपियों ने इमारत के सुरक्षा रक्षक मनोजकुमार अयोध्या यादव (38) को पहले अपने साथ बैठाकर शराब पिलाई. इसके बाद कपड़े की रस्सी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई. शव को छिपाने के लिए उसे बिल्डिंग की पानी की टंकी में फेंक दिया गया.
रसोइये ने बनवाई थी फर्जी चाबी
घटना सामने आते ही पश्चिम परिक्षेत्र-2 के पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें बनाकर जांच शुरू की गई. जांच में सामने आया कि व्यापारी परिवार में रसोइये के तौर पर काम करने वाले जोगेश्वर उदन मल्लिक उर्फ किशन और उसके मित्र विजय गोंजारी की इस साजिश में भूमिका थी. दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि जोगेश्वर उदन मल्लिक ने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी और जिस व्यापारी के यहां वह काम करता था, उसकी, उसकी पत्नी व बेटी की हत्या कर घर से नकदी और गहने लूटने की साजिश रची थी.
2 साल से चल रही थी साजिश की तैयारी
पुलिस जांच में सामने आया कि रसोइया पिछले 2 साल से यह साजिश रच रहा था. मुख्य साजिशकर्ता जोगेश्वर उदन मल्लिक ने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए विजय गोंजारी की मदद से 3 और साथियों शरद येरूडकर (41), उसके भाई महादेव येरूडकर (35) और अनिकेत बोरनाक (30) को इस साजिश में शामिल किया.
छठी मंजिल के फ्लैट में घुसने की कोशिश नाकाम
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता जोगेश्वर मल्लिक ने अपने साथियों की पहचान मृतक सुरक्षा रक्षक मनोजकुमार यादव से करवाई थी. 1 और 2 अगस्त की दरमियानी रात आरोपी इमारत के पास इकट्ठा हुए और सुरक्षा रक्षक के साथ शराब पीने बैठ गए. इसके बाद उन्होंने सुरक्षा रक्षक का गला घोंटा, हाथ बांधे और शव पानी की टंकी में फेंक दिया. इसके बाद तड़के करीब 4 बजे आरोपी छठी मंजिल पर गए और डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट का दरवाजा खोलकर व्यापारी के घर में घुसने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा न खुलने पर वे कोशिश छोड़कर वहां से भाग गए. गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है.
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पश्चिम प्रादेशिक विभाग, अभिनव देशमुख (Abhinav Deshmukh) और पुलिस उपायुक्त, पश्चिम परिमंडळ-2, मोहित कुमार गर्ग (Mohit Kumar Garg) के मार्गदर्शन में की गई. सहायक पुलिस आयुक्त विनोद गावकर (Vinod Gawkar), वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बापुराव गावडे (Bapurao Gawde), पुलिस निरीक्षक अतुल माली (Atul Mali) और संतोष जाधव (Santosh Jadhav) के नेतृत्व वाली टीमों ने इस मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा गुन्हे प्रकटीकरण अधिकारी एपीआई रणजित चव्हाण (Ranjit Chavan), पीसीआई बालासाहेब पोटे (Balasaheb Pote), एपीआई यश पालवे (Yash Palve), एपीआई हनमंत कुंभार (Hanmant Kumbhar) और पीएसआई सूर्यकांत ओमासे (Suryakant Omase) भी जांच टीम में शामिल रहे.
हाईलाइट्स
व्यापारी परिवार के घर काम करने वाले रसोइये ने ही रची लूट व हत्या की साजिश.
साजिश के रास्ते में आए इमारत के सुरक्षा रक्षक की गला घोंटकर हत्या.
फर्जी चाबी से फ्लैट में घुसने की कोशिश नाकाम, 5 आरोपी गिरफ्तार.
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