मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास महामंडल (NUCFDC) के नए कार्यालय का उद्घाटन किया और घोषणा की कि इसका मुख्यालय दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया जाएगा। इससे मुंबई सहकार क्षेत्र का नया पावर सेंटर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का सीधा लाभ आम ग्राहकों तक पहुंचने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र में आएगा मुख्यालय
मुंबई के फोर्ट स्थित शारदा सदन में NUCFDC के नए कार्यालय का उद्घाटन अमित शाह ने किया। इसके बाद बीएसई इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ‘सहकार नव-क्रांति’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में देश की सबसे अधिक 449 शहरी सहकारी बैंक हैं। महाराष्ट्र के साथ गुजरात, गोवा और कर्नाटक में भी बड़ी संख्या में शहरी सहकारी बैंक हैं। ऐसे में NUCFDC का मुख्यालय महाराष्ट्र में होना इस क्षेत्र को मजबूत करेगा।
छोटी बैंकों को आधुनिक तकनीक
अमित शाह ने कहा कि NUCFDC शहरी सहकारी बैंकों को कम खर्च में आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराएगा। इसके तहत कोर बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, क्लाउड सेवा, ऋण प्रणाली, कर्मचारी प्रशिक्षण और नियामक अनुपालन जैसी सुविधाएं साझा मंच के माध्यम से उपलब्ध होंगी। ‘सहकार सीबीएस’ से छोटी बैंकों को भी बड़ी बैंकों जैसी डिजिटल सुविधाएं देने में मदद मिलेगी।
साइबर सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम में शहरी सहकारी बैंकों के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर शुरू किया गया। यह केंद्र 24 घंटे साइबर सुरक्षा निगरानी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। NUCFDC और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के बीच समझौता भी हुआ। इससे डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ग्राहकों को सीधा फायदा
अमित शाह ने कहा कि तकनीक और सुरक्षा सुविधाएं साझा होने से छोटी सहकारी बैंकों का खर्च कम होगा। इसका लाभ ग्राहकों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के रूप में मिल सकता है। उन्होंने छोटे कर्जदारों को भी महत्वपूर्ण ग्राहक बताया और गुजरात के एक बैंक में 2.5 लाख रुपये तक के बिना गारंटी वाले कर्ज की 99.78 प्रतिशत वसूली का उदाहरण दिया।
फडणवीस और शिंदे रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis), उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde), केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर (Krishan Pal Gurjar), केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल (Murlidhar Mohol), महाराष्ट्र के सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील (Babasaheb Patil), मंत्री जयकुमार रावल (Jaykumar Rawal), मंत्री आशीष शेलार (Ashish Shelar) और NUCFDC के अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता (Jyotindra Mehta) सहित सहकार क्षेत्र के कई पदाधिकारी मौजूद थे।
2047 के लक्ष्य से जोड़ा सहकार
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर भारतीय का आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा सकता है। उनके अनुसार, ‘सहकार से समृद्धि’ का अर्थ केवल बैंकों की मजबूती नहीं, बल्कि बैंकों से जुड़े ग्राहकों और छोटे उद्यमियों की आर्थिक समृद्धि भी है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version