मुंबई: उपनगरीय रेल सेवा में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। चेन्नई के पेरांबूर स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में तैयार की गई देश की पहली नॉन-एसी ‘बंद दरवाजों वाली’ लोकल ट्रेन मुंबई के लिए रवाना हो चुकी है और जल्द ही इसे सेवा में शामिल किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस 12 डिब्बों की ट्रेन
268201-268212 क्रमांक वाली यह 12 डिब्बों की अत्याधुनिक लोकल ट्रेन ऑटोमेटिक स्लाइडिंग दरवाजों से सुसज्जित है। यह ट्रेन शुक्रवार या शनिवार तक मुंबई पहुंचने की संभावना है।
मुंबई लोकल इतिहास में नया अध्याय
यह ट्रेन मुंबई उपनगरीय रेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह देश की पहली नॉन-एसी लोकल है, जिसमें स्वचालित दरवाजों की व्यवस्था की गई है।
भीड़ में हादसों पर लगेगा लगाम
मुंबई लोकल में भीड़ के दौरान दरवाजों पर लटककर यात्रा करना एक आम लेकिन खतरनाक स्थिति रही है। इस नई व्यवस्था से ऐसे जोखिमपूर्ण व्यवहार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा में सुधार होगा।
तकनीकी जांच के बाद सेवा में होगी शामिल
फिलहाल इस रेक को ‘खाली विशेष लोकल’ के रूप में रेणिगुंटा मार्ग से मुंबई लाया जा रहा है। मध्य रेल के सोलापुर डिवीजन में इसका आधिकारिक स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद तकनीकी परीक्षण और तैयारी के लिए इसे कुर्ला कारशेड भेजा जाएगा।
रेल मंत्रालय की योजना का हिस्सा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सितंबर 2025 में मुंबई लोकल ट्रेनों में चरणबद्ध तरीके से बंद दरवाजों की प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कदम जरूरी है और भविष्य में मुंबई के लिए बनने वाली सभी लोकल ट्रेनें बंद दरवाजों वाली होंगी।
भविष्य में बड़े बदलाव की संभावना
यह नई ट्रेन एक ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के रूप में देखी जा रही है, जिससे आने वाले समय में मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा में व्यापक बदलाव होने की संभावना है।

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