मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पालघर में जिन पांच प्रमुख परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया, उनका असर केवल पालघर तक सीमित नहीं रहेगा। वाढवण बंदरगाह, बुलेट ट्रेन, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नारिंगी खाड़ी पुल और उत्तन-विरार समुद्री सेतु जैसी परियोजनाएं पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के परिवहन, व्यापार, रोजगार और कनेक्टिविटी को नई दिशा देंगी।
वाढवण बंदरगाह से बढ़ेगा व्यापार और रोजगार
करीब 76,220 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला वाढवण ग्रीनफील्ड बंदरगाह देश के सबसे बड़े गहरे समुद्री बंदरगाहों में शामिल होगा। इसके शुरू होने से मुंबई और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीए) पर माल ढुलाई का दबाव कम होगा। इससे आयात-निर्यात तेज होगा, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और मुंबई-एमएमआर के युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बुलेट ट्रेन से यात्रा होगी तेज और सुविधाजनक
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत बोईसर स्टेशन का निर्माण एमएमआर के उत्तरी हिस्से के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। इससे पालघर, बोईसर और विरार क्षेत्र के यात्रियों को तेज रफ्तार रेल सेवा मिलेगी। साथ ही इन क्षेत्रों में निवेश, उद्योग और आवासीय विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कम करेगा मुंबई एयरपोर्ट का दबाव
प्रस्तावित वाढवण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन, एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा होगा। इसके बनने से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते यात्री और कार्गो दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही उत्तर मुंबई और पालघर क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
नारिंगी खाड़ी पुल से घटेगा सफर का समय
लगभग 850 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा 4.10 किलोमीटर लंबा नारिंगी खाड़ी पुल वसई-विरार को सीधे सफाळे, पालघर और बोईसर से जोड़ेगा। इसके चालू होने के बाद यात्रा की दूरी लगभग 40 किलोमीटर और समय करीब 45 मिनट कम हो जाएगा। इसका लाभ रोजाना काम, शिक्षा और व्यापार के लिए आने-जाने वाले हजारों लोगों को मिलेगा।
उत्तन-विरार समुद्री सेतु से मिलेगा ट्रैफिक से राहत
करीब 58,754.51 करोड़ रुपए की लागत वाली उत्तन-विरार समुद्री सेतु परियोजना दक्षिण मुंबई को सीधे मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगी। इससे पश्चिमी उपनगरों और उत्तर दिशा की ओर जाने वाले वाहनों को तेज मार्ग मिलेगा, सड़क पर भीड़ कम होगी और लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित एवं तेज हो सकेगी।
पूरे MMR के विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पालघर की ये सभी परियोजनाएं केवल जिले के विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी। बेहतर परिवहन, मजबूत लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों के कारण आने वाले वर्षों में एमएमआर की विकास क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

