मुंबई: महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के व्यक्तिगत सहायक (पीए) अनंत गर्जे को सोमवार की रात 1 बजे वरली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर अपनी पत्नी डॉ. गौरी पालवे गर्जे को प्रताड़ित करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप है।
27 तक पुलिस हिरासत
कोर्ट में पेश किए जाने पर अनंत के वकील एड. मंगेश देशमुख ने ये कहते हुए पुलिस हिरासत का विरोध किया कि डॉ. गौरी के परिवार को शादी से पहले ही अनंत के प्रेम संबंध के बारे में बताया गया था। इसके अलावा खुदकुशी के समय गौरी घर में अकेली थी। इसलिए आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप सिद्ध नहीं होता है। अतः अनंत को जमानत दे देनी चाहिए। लेकिन पुलिस की ओर से सरकारी वकील ने अनंत की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि गौरी के पिता अशोक पाल्वे के बयान में उल्लिखित मूल दस्तावेज लातूर के एक अस्पताल में हैं। अशोक पाल्वे द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए अनंत को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जाना जरूरी है। इसके अलावा अनंत के साथ-साथ उसके भाई-बहन भी आरोपी हैं। उनकी तलाश जारी है। उनसे पूछताछ बाकी है। अभियोजन पक्ष की मांग पर कोर्ट ने अनंत 27 नवंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा
सोमवार को डॉ. गौरी के शव पोस्टमार्टम केईएम अस्पताल में किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गौरी कि मौत की सही वजह को लेकर सनसनीखेज दावा किया गया है। रिपोर्ट में गौरी की मौत को अप्राकृतिक बताया गया है। पोस्ट मार्टम करनेवाले राजेश ढेरे ने इस संबंध में मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी देने के दौरान प्रारंभिक शव परीक्षण रिपोर्ट में ओपिनिअन रिजर्व्ड एविडन्स ऑफ नेगेचर कम्प्रेशन ऑफ नेक का उल्लेख किया। इस तकनीकी शब्द का प्राथमिक अर्थ यह है कि डॉ. गौरी की मृत्यु गला घोंटने से हुई थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मृत्यु की प्रकृति अप्राकृतिक थी। हालांकि मृत्यु का अंतिम कारण अभी भी निर्धारित किया जा रहा है। लेकिन पीएम रिपोर्ट से गौरी के परिजनों के हत्या के दावे को बल मिला है।
आत्महत्या से कुछ मिनट पहले हुआ था जोरदार झगड़ा
शनिवार (22 नवंबर) शाम को मुंबई के वरली बीडीडी कॉलोनी स्थित घर में डॉ. गौरी ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आत्महत्या से कुछ मिनट पहले ही गौरी और अनंत के बीच जोरदार झगड़ा हुआ था। इसके बाद अनंत पंकजा मुंडे के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से निकल गए थे। जब अनंत की गाड़ी कोस्टल रोड पर थी, तब वह बार-बार गौरी को फोन कर रहे थे, लेकिन गौरी ने फोन नहीं उठाया। फोन न उठने की आशंका से अनंत ने अपनी गाड़ी वापस घर की ओर मोड़ ली। घर के बाहर से आवाज देने पर भी जब गौरी ने दरवाजा नहीं खोला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो अनंत ने खिड़की से अंदर झांका। तभी उन्हें गौरी फांसी पर लटकी हुई दिखीं। अनंत की पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है।
सिर्फ 10 महीने में वैभंवाहिक जीवन का दर्दनाक अंत
अनंत और डॉ. गौरी का विवाह 7 फरवरी को हुआ था। लेकिन महज 10 महीनों में ही केईएम अस्पताल में डॉक्टर के रूप में कार्यरत गौरी को अपनी जान देनी पड़ी। परिवार का आरोप है कि अनंत के विवाहेतर संबंधों और लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण गौरी इस कदम को मजबूर हुईं।
विवाहेतर संबंध से शुरू हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, अनंत गर्जे के किसी अन्य महिला के साथ अनैतिक संबंध होने का संदेह डॉ. गौरी को था। लातूर के एक अस्पताल में गर्भपात की सहमति पत्र पर अनंत का नाम पति के रूप में दर्ज मिला, जिससे उनके विवाहेतर संबंध की पुष्टि हो गई। इन दस्तावेजों को देखकर गौरी पूरी तरह टूट गई थीं। पिछले दो-तीन महीनों से दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा था। गौरी ने एक बार अनंत को माफ भी कर दिया था, लेकिन जब वह दोबारा किसी महिला से चैटिंग करते पकड़ा गया, तो विवाद चरम पर पहुंच गया।
परिवार का दावा – यह हत्या है, आत्महत्या नहीं
गौरी के परिवार ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है। गौरी के मामा शिवदास गर्जे ने कहा, “हमारी बेटी डॉक्टर थी, लड़ाकू थी। वह कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। अनंत उसे बहुत टॉर्चर करता था। सास के घर वालों से भी उसे लगातार प्रताड़ना मिलती थी।” गौरी के दूसरे मामा हृषिकेश गर्जे ने मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए, इन कैमरा पोस्टमार्टम हो और परिवार को न्याय मिले।
पुलिस ने दर्ज किया तीन आरोपियों के खिलाफ मामला
शुरुआत में पुलिस द्वारा मामला दर्ज न करने पर गौरी के परिवार के सदस्य वरली पुलिस स्टेशन पर डटे रहे। परिवार के दबाव के बाद रविवार को वरली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, 85, 352 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया। अनंत गर्जे के साथ उनकी बहन शीतल गर्जे-आंधळे और देवर अजय गर्जे को भी आरोपी बनाया गया है। तीनों पर प्रताड़ना, अपमान और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप हैं।
पंकजा मुंडे की प्रतिक्रिया
डॉ. गौरी गर्जे-पालवे की मृत्यु के मामले पर पंकजा मुंडे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “22 नवंबर 2025 को शाम 6.30 से 6.45 बजे के बीच मेरे पीए अनंत का फोन मेरे दूसरे पीए के फोन पर आया। वह बहुत रो रहा था। अत्यंत आक्रोश में उसने मुझे बताया कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली है। यह बात मेरे लिए बेहद चौंकाने वाली थी।” उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि पुलिस की किसी भी कार्रवाई में कोई कसर नहीं रहनी चाहिए और उन्हें उचित जांच करके इस मामले को संभालना चाहिए। यह बात मैंने पुलिस को भी कही है। मैंने गौरी के पिता से भी बात की, वे बेहद दुख में हैं, यह मैं समझ सकती हूं। ऐसी घटनाएं जीवन को झकझोर देती हैं और मन को सुन्न कर देती हैं। किसी के अत्यंत व्यक्तिगत जीवन में क्या चल रहा है, यह समझ पाना मुश्किल है। अचानक इस चौंकाने वाली घटना से मैं भी व्यथित हूं।” मंत्री ने इस घटना के बाद बीड में अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। हालांकि, गौरी के मामा ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में पंकजा मुंडे का कोई सीधा संबंध नहीं है।
