मुंबई : दक्षिण मुंबई स्थित भायखला क्षेत्र में मोहर्रम जुलूस के दौरान कथित रूप से दर्द निवारक दवा बताकर जहरीले कैप्सूल बांटने की एक बड़ी साजिश को मुंबई पुलिस ने समय रहते विफल करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, यदि ये कैप्सूल बड़ी संख्या में जुलूस में शामिल लोगों तक पहुंच जाते तो भारी जनहानि के साथ कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती थी। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर 14,900 कथित जहरीले कैप्सूल बरामद किया गया है।
कैप्सूल में भरा था चूहे का जहर
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहर्रम जुलूस में शामिल लोगों को दर्द निवारक दवा बताकर जो कैप्सूल बांट कर रहा था, उसमें चूहे मारने के लिए इस्तेमाल किया जानेवाला जहर जिंक फॉस्फाइड भरा था। पुलिस ने लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड और 14900 जहर भरे कैप्सूल बरामद किये हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
जुलूस में शामिल एक व्यक्ति ने तड़के करीब चार बजे एक कैप्सूल का सेवन किया, जिसके बाद उसे उल्टी और तेज पेट दर्द की शिकायत हुई। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।
पुणे का निवासी है आरोपी
आरोपी की पहचान पुणे के विमान नगर निवासी 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है, जो पेंट का व्यवसाय करता है। पुलिस ने उसके ठिकाने की तलाशी में 14,900 तैयार कैप्सूल और लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड बरामद किया। जांच में सामने आया कि प्रत्येक कैप्सूल में लगभग एक ग्राम जहरीला पदार्थ भरा गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी का लक्ष्य करीब 30,000 कैप्सूल तैयार करने का था।
पुलिस का दावा, समय रहते टली संभावित बड़ी त्रासदी
भायखला डिवीजन के पुलिस उपायुक्त जयंत मीना के अनुसार, जुलूस के दौरान संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि यदि जहरीले कैप्सूल बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच जाते तो व्यापक जनहानि हो सकती थी और इसके कारण कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती भी उत्पन्न हो सकती थी। समय पर कार्रवाई से इस संभावित खतरे को टाल दिया गया।
विदेश यात्राओं और संभावित नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2019 से 2025 के बीच कई बार ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने यह कथित साजिश अकेले रची थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109, 110, 123 तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
जिंक फॉस्फाइड कितना खतरनाक?
जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत जहरीला रसायन है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है। हाल ही में दक्षिण मुंबई में कथित रूप से जिंक फॉस्फाइड मिले तरबूज (कलिंगड) का सेवन करने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने इस जहरीले पदार्थ के खतरों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।
सेवन से हो सकती है जानलेवा स्थिति
विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक फॉस्फाइड शरीर में पहुंचने पर जहरीली फॉस्फीन गैस उत्पन्न करता है, जिससे उल्टी, पेट में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, रक्तचाप में गिरावट और कई अंगों के काम करना बंद करने जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।
इसी रसायन से भरे मिले कैप्सूल
मुंबई पुलिस के अनुसार, मोहर्रम जुलूस में कथित रूप से बांटने के लिए तैयार किए गए कैप्सूल में भी जिंक फॉस्फाइड भरा गया था। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी जनहानि की आशंका टल गई।
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