मुंबई ऑटोरिक्शा टैक्सीमेन्स यूनियन ने कल्याणकारी मंडल की अनिवार्य फीस के खिलाफ उठाई आवाज
धर्मवीर आनंद दिघे साहेब महाराष्ट्र ऑटोरिक्शा और मीटर्ड टैक्सी चालक कल्याणकारी मंडल में पंजीकरण के नाम पर ऑटोरिक्शा चालकों से गैरकानूनी ढंग से वसूली जा रही है। इस वसूली को अवैध बताते हुए ऑटो रिक्शा चालक विरोध कर रहे हैं। ऑटो रिक्शा चालक व मालिकों ने बुधवार (8 अगस्त 2026) को इसके विरोध में मुंबई ऑटोरिक्शा टैक्सीमेन्स यूनियन के बैनर तले प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO), अंधेरी में मोर्चा निकालकर जोरदार प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र सरकार ने ऑटोरिक्शा चालकों के लिए कल्याणकारी मंडल की स्थापना की है, जिसमें सदस्यता के लिए 500 रुपए प्रवेश शुल्क और 300 रुपए वार्षिक शुल्क अनिवार्य किया गया है। यूनियन का आरोप है कि यह निर्णय किसी भी प्रमुख ऑटोरिक्शा संगठन से बिना चर्चा किए एकतरफा लिया गया, जो पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे चालकों पर अतिरिक्त बोझ है।
जबरदस्ती और उत्पीड़न का आरोप
यूनियन के अध्यक्ष शशांक राव के अनुसार, राज्य के सभी RTO दफ्तरों में ऑटोरिक्शा चालकों पर इस मंडल में पंजीकरण कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जो चालक पंजीकरण नहीं कराते, उनके परमिट नवीनीकरण और पासिंग जैसे जरूरी काम रोक दिए जाते हैं। यूनियन ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
20 साल पुरानी मांग, लेकिन गलत तरीके से क्रियान्वयन
यूनियन का कहना है कि ऑटोरिक्शा चालकों के लिए स्वतंत्र कल्याणकारी मंडल की मांग पिछले 20 वर्षों से की जा रही थी, लेकिन सरकार ने इसे लागू करने में न तो पारदर्शिता बरती और न ही संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श किया। प्रदर्शन के दौरान यूनियन की ओर से RTO अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया और मांग की गई कि यह जबरन वसूली तत्काल बंद हो तथा चालकों के लिए एक अलग और न्यायसंगत कल्याणकारी मंडल की स्थापना की जाए।

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