एयरपोर्ट से एयरो सिटी तक बनेगा नया विकास केंद्र
मुंबई : MMR (मुंबई महानगर क्षेत्र) में प्रस्तावित तीसरी मुंबई के विकास को लेकर सत्तापक्ष और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने जहां तीसरी मुंबई के नियोजन में स्थानीय लोगों और पूर्व जमीन मालिकों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है, वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने सरकार की विकास योजना बताते हुए कहा कि तीसरी मुंबई में नया एयरपोर्ट, एयरो सिटी, मेडिसिटी और बड़े ग्रोथ हब विकसित किए जाएंगे। शिंदे के मुताबिक, इन परियोजनाओं से उद्योग, सेवा क्षेत्र और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास की योजना
दिल्ली में ‘सिंदूर महा रक्तदान यात्रा’ के बाद पत्रकारों से बातचीत में एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने तीसरी मुंबई की विकास योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का विकास अंतरराष्ट्रीय स्तर की योजना के तहत किया जा रहा है। नए एयरपोर्ट के साथ एयरो सिटी, मेडिसिटी और ग्रोथ हब विकसित करने की योजना है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के चलते क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
राज ठाकरे ने स्थानीय लोगों का मुद्दा उठाया
रायगढ़ में राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने तीसरी मुंबई के नियोजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों और पूर्व जमीन मालिकों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि तीसरी मुंबई में एजुकेशनल सिटी, मेडिकल सिटी, डेटा सेंटर और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसी कई बड़ी परियोजनाओं की चर्चा है, लेकिन स्थानीय युवाओं को इन योजनाओं की पर्याप्त जानकारी और रोजगार के अवसर मिलेंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
मुंबई-गोवा महामार्ग पर भी निशाना
राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने मुंबई-गोवा महामार्ग के काम में हो रही देरी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क परियोजना में राजनीतिक हस्तक्षेप और जमीन अधिग्रहण व ठेके से जुड़े विवादों के कारण काम प्रभावित हुआ है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और स्थानीय नेताओं का भी उल्लेख किया। राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध विकास से नहीं है, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जिसमें स्थानीय लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़े।
रोजगार में स्थानीय युवाओं की हिस्सेदारी का सवाल
तीसरी मुंबई को लेकर सबसे बड़ा सवाल स्थानीय भागीदारी का बन गया है। एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने जहां बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई है, वहीं राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने पूछा है कि पेण, पनवेल और रायगढ़ के स्थानीय युवाओं को इन परियोजनाओं में किस तरह शामिल किया जाएगा।
दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि तीसरी मुंबई का मुद्दा अब केवल बुनियादी ढांचे और निवेश तक सीमित नहीं है। इसके साथ स्थानीय लोगों के अधिकार, रोजगार, जमीन और विकास में भागीदारी भी राजनीतिक बहस का अहम मुद्दा बन गई है।

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