राज्यपाल ने किया सम्मानित
मुंबई: शिक्षा के क्षेत्र में गरीब और वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के उल्लेखनीय कार्य के लिए भांडुप की सिद्धिविनायक शिक्षण प्रसारक मंडल के संस्थापक निदेशक रमेश खानविलकर (Ramesh Khanvilkar) को ‘भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा (Jishnu Dev Varma) ने प्रदान किया।
यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में समारोह
मुंबई के नरिमन पॉइंट स्थित यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री एवं द पीपल्स एजुकेशन सोसायटी (The People’s Education Society) के अध्यक्ष रामदास आठवले (Ramdas Athawale), सांसद उज्ज्वल निकम (Ujjwal Nikam) और पूर्व विधान परिषद सभापति डॉ. नीलम गोहे (Dr. Neelam Gorhe) भी मौजूद रहीं।
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
यह पुरस्कार द पीपल्स एजुकेशन सोसायटी की ओर से हर वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है। रमेश खानविलकर को गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए पिछले तीन दशकों से किए जा रहे उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।
32 वर्षों से शिक्षा की अलख
भांडुप की सिद्धिविनायक शिक्षण प्रसारक मंडल पिछले 32 वर्षों से शिक्षा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय है। संस्था आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना था। उन्होंने कहा कि उसी विचार को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना प्रेरणादायी है।

