मुंबई: सेंट्रल रेलवे ने सायन में निर्माणाधीन नए 4-लेन रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के लिए 500-500 टन वजन के दो स्टील गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित कर दिए हैं। व्यस्त रेल कॉरिडोर के ऊपर यह जटिल काम महज दो रातों में (हर रात 3 घंटे का ब्लॉक लेकर) पूरा किया गया। इस उपलब्धि के साथ ही अब सितंबर तक इस नए पुल को यातायात के लिए खोलने की तैयारी पूरी की जा रही है, जिससे मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
​वर्ष 1912 में ब्रिटिश काल में बने 112 साल पुराने सायन पुल को IIT बॉम्बे की स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में जर्जर घोषित किए जाने के बाद अगस्त 2024 में बंद कर ध्वस्त कर दिया गया था। धारावी, बीकेसी, एलबीएस मार्ग और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ने वाले इस मार्ग के बंद होने से आसपास के इलाकों में यातायात का भारी दबाव बढ़ गया था।
​नया 4-लेन पुल: क्षमता और कनेक्टिविटी
​आधुनिक ढांचा: पुराने 2-लेन पुल की जगह बन रहा यह नया आरओबी 61 मीटर लंबा और 4-लेन चौड़ा होगा।
​रेलवे लाइन सुरक्षा: इसके नीचे से अब 6 रेलवे लाइनें गुजर सकेंगी। ट्रैक से पुल की ऊंचाई बढ़ाकर 5.4 मीटर से अधिक रखी गई है।
​पैदल यात्रियों को सुविधा: पुल में फुटपाथ के साथ-साथ सायन स्टेशन के लिए सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी।
​₹60 करोड़ की संयुक्त परियोजना
बीएमसी और सेंट्रल रेलवे द्वारा मिलकर करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से यह काम किया जा रहा है। यह नया आरओबी न केवल सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि सीएसएमटी-कुर्ला 5वीं और 6वीं रेल लाइन परियोजना के लिए भी अहम है, जिससे भविष्य में लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा।

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