मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 97,706.40 करोड़ रुपये की अनुपूरक (पूरक) मांगें पेश कीं। मुख्य बजट पेश होने के लगभग तीन महीने बाद इतनी बड़ी राशि की अनुपूरक मांगें लाए जाने को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि यह राशि किसानों, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा क्षेत्र और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक है।
किसान कर्जमाफी के लिए सबसे बड़ा प्रावधान
सरकार ने हाल ही में घोषित ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना’ के लिए 20,552 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह पूरक मांगों का सबसे बड़ा हिस्सा है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों को राहत मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बुनियादी ढांचे और शहरी विकास पर जोर
नगर विकास विभाग के लिए 15,152.43 करोड़ रुपये की मांग रखी गई है। इसके अलावा नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के लिए 3,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। मुंबई मेट्रो, ठाणे-बोरीवली सुरंग सहित अन्य प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
ऊर्जा और सामाजिक योजनाओं के लिए भी बड़ा आवंटन
ऊर्जा क्षेत्र के लिए 14,760.48 करोड़ रुपये की मांग पेश की गई है। इसमें महावितरण के कर्ज भुगतान के लिए 8,000 करोड़ रुपये तथा कृषि पंपों और उद्योगों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी शामिल है। वहीं, आंगनवाड़ी कर्मचारियों के मानदेय के लिए 1,734.92 करोड़ रुपये तथा संजय गांधी निराधार योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त राशि प्रस्तावित की गई है।
राज्य पर 74,817 करोड़ रुपये का शुद्ध भार
सरकार के अनुसार, कुल 97,706.40 करोड़ रुपये की सकल अनुपूरक मांगों में केंद्र से मिलने वाली सहायता और तकनीकी समायोजन भी शामिल हैं। इन्हें घटाने के बाद राज्य के खजाने पर 74,817.66 करोड़ रुपये का वास्तविक अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
विपक्ष ने वित्तीय प्रबंधन पर उठाए सवाल
विपक्षी दलों ने मुख्य बजट के कुछ ही महीनों बाद इतनी बड़ी अनुपूरक मांगें पेश किए जाने पर सरकार के वित्तीय नियोजन पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इससे बजट प्रबंधन की कमजोरी सामने आती है। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसानों, विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
विधानसभा में दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि
मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने शोक प्रस्ताव पढ़ते हुए 11 दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने वालों में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले, सुप्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर, पूर्व विधायक अनंतराव थोपटे, विठ्ठलराव धोते, बलिराम कोटकड़ पाटिल और कृष्णराव देशमुख सहित अन्य दिवंगत हस्तियां शामिल थीं। विधानसभा के साथ ही विधान परिषद में भी शोक प्रस्ताव के माध्यम से सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई।

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