नागपुर: सोमवार से नागपुर में शुरू हो रहे महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि लोककल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेगा। शीतकालीन अधिवेशन से पहले हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने रामगिरी सरकारी निवास पर पत्रकारों से संवाद साधा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत मंत्रिमंडल के कई सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था देश के बड़े राज्यों में सभी मानकों पर अग्रणी है। राज्य में बाढ़ से प्रभावित लगभग 92 प्रतिशत (90 लाख से अधिक) किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि केवाईसी प्रक्रिया के कारण रुके हुए किसानों को जल्द ही मदद मिलेगी, और कटाव वाली जमीन व कुओं आदि के लिए अतिरिक्त सहायता दी गई है।
18 विधेयक पेश होंगे, व्यापक चर्चा पर जोर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार मराठवाड़ा और विदर्भ के सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि इस अधिवेशन में 18 विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे और विदर्भ तथा मराठवाड़ा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। अधिवेशन के दौरान प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक कामकाज करने का प्रयास रहेगा, जिसमें शनिवार और रविवार को भी कार्य जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दावोस सहित विभिन्न मंचों पर हुए निवेश समझौतों पर तेजी से काम शुरू हुआ है।
नागरिकों की समस्याओं का समाधान सरकार का एजेंडा
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार ने जनता-केंद्रित और कल्याणकारी फैसले लिए हैं। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान ही सरकार की प्राथमिकता है। शिंदे ने कहा कि विदर्भ में अधिवेशन होने से यहां के कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, और रोजगार सृजन सहित सभी महत्वपूर्ण विषयों पर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जीडीपी, स्टार्टअप और विदेशी निवेश में अग्रणी महाराष्ट्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय $5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने में पीछे नहीं रहेगा।

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