मुंबई: श्रमिकों को अधिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और कानूनी अधिकार देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर चार नई श्रम संहिताएं बनाई हैं। श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने विधान परिषद में कहा कि नई श्रम संहिताओं से श्रमिकों के हितों की बेहतर रक्षा होगी और उन्हें अधिक न्याय मिलेगा।
नियम बनाने की प्रक्रिया जारी
फुंडकर ने बताया कि नई श्रम संहिताओं के अनुरूप महाराष्ट्र में नियम तैयार किए जा रहे हैं। मसौदा सार्वजनिक सुझाव और आपत्तियों के लिए जारी किया गया है। सभी सुझावों पर विचार करने के बाद श्रमिक संगठनों से चर्चा कर अंतिम नियम तय किए जाएंगे।
श्रमिकों के हितों की होगी रक्षा
उन्होंने कहा कि किसी भी श्रमिक संगठन के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। ठेका और असंगठित श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। कोर गतिविधियों में नियमों के विरुद्ध ठेका श्रमिकों से काम लेने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ओवरटाइम का भुगतान अनिवार्य रहेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
आवास और कल्याण योजनाओं पर जोर
मंत्री ने बताया कि मिल श्रमिकों के 1,705 पात्र आवेदनों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और उन्हें म्हाडा के माध्यम से घर दिए जाएंगे। असंगठित श्रमिकों के लिए अलग मंडल बनाकर सामाजिक सुरक्षा, आवास, शिक्षा और कौशल विकास की योजनाएं चलाई जाएंगी। साथ ही निर्माण श्रमिकों के फर्जी पंजीकरण के खिलाफ विशेष अभियान जारी रहेगा।

