नवी मुंबई: महापे एमआईडीसी इलाके में नाले के पास मिले युवक के शव का रहस्य आखिरकार सुलझ गया है। नवी मुंबई अपराध शाखा ने 48 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज हत्या कांड का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। युवक की हत्या बिजली के खंभे से तार चोरी के शक में बेरहमी से पिटाई कर की गई थी।
फोन-पे ट्रांजैक्शन से खुली पोल
पुलिस जांच में ‘फोन-पे’ के जरिए हुए पैसों के डिजिटल लेनदेन अहम सबूत बने। तकनीकी जांच और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
15 फरवरी से था लापता
मानखुर्द निवासी संदीप लक्ष्मीकांत विश्वकर्मा (31) 15 फरवरी से लापता था। 16 फरवरी को महापे इलाके में नाले के पास उसका शव संदिग्ध अवस्था में मिला। शुरुआत में मामला आकस्मिक मौत का लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर बाहरी और आंतरिक चोटों का खुलासा हुआ। इसके बाद रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
वाशी में मिली थी आखिरी लोकेशन
अपराध शाखा कक्ष-1 ने समानांतर जांच शुरू की। जांच में संदीप की आखिरी लोकेशन वाशी सेक्टर-26 सामने आई। यहां उसने एक कबाड़ी व्यवसायी से संपर्क किया था। पूछताछ में पता चला कि कुछ युवकों ने कबाड़ी और संदीप को जबरन महापे स्थित एक गोदाम में ले जाया था।
गोदाम में बेरहमी से पिटाई
गोदाम में संदीप के साथ जमकर मारपीट की गई। इसी दौरान आरोपियों में से एक ने कबाड़ी से ‘फोन-पे’ के जरिए पैसे भी वसूले। इसी डिजिटल लेनदेन की कड़ी पकड़कर पुलिस संकेत जगताप तक पहुंची। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
शव नाले में फेंक कर मिटाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, संदीप को महापे इलाके में बिजली की डीपी और खंभों की तार चोरी करते हुए आरोपियों ने रंगे हाथ पकड़ा था। गुस्से में आकर चारों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। सबूत मिटाने के लिए आरोपी अमोल गुंजाल की रिक्शा से शव को नाले के पास फेंक दिया गया।
चार आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने प्रीतम भरत भोईर (26), शिवाजी शंकर डुंबरे (57), अमोल रमेश गुंजाल (31) और संकेत राजाराम जगताप उर्फ बाब्या (29) को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।

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