सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों पर खर्च
मुंबई: महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई के बुनियादी ढांचा विकास कार्यों के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफडी) से 12,000 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए आवंटित की गई है।
मंत्री ने बताया कि मार्च 2017 में बीएमसी की एफडी 62,195 करोड़ रुपए थी, जो 2022 तक बढ़कर 91,690 करोड़ रुपए हो गई थी। हालांकि 2026 में यह घटकर 81,134 करोड़ रुपए रह गई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान विकास कार्य लगभग बंद होने से एफडी की राशि 90 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गई थी।
पेंशन दायित्व के लिए अलग फंड
सदन में हुई चर्चा के दौरान सामंत ने बताया कि बीएमसी ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के दायित्वों को ध्यान में रखते हुए 5,500 करोड़ रुपए अलग से सुरक्षित रखे हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की आर्थिक समस्या न आए।
278 किलोमीटर से अधिक सड़कों का विकास
मंत्री ने बताया कि मुंबई में चल रहे सड़क विकास प्रोजेक्ट्स के पहले चरण का लगभग 79.74 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का 56.52 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। इन परियोजनाओं के तहत 278.83 किलोमीटर लंबाई की 1,048 सड़कों का निर्माण और सुधार कार्य किया जा रहा है।
मिठी नदी परियोजना में अनियमितता पर कार्रवाई
सामंत ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कदम उठाए हैं। मिठी नदी परियोजना में 65 करोड़ रुपए की अनियमितता सामने आने के बाद पुराने टेंडर रद्द किए गए और 13 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
एमओयू में बड़ी वृद्धि
उद्योग क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि 2022 में राज्य सरकार ने 80,588 करोड़ रुपए के एमओयू किए थे, जो 2026 में बढ़कर 31.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गए हैं। इनमें एमएमआरडीए और एमएसआरडीसी जैसी एजेंसियों की परियोजनाएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन समझौतों में 70-80 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) है और राज्य में इनकी क्रियान्वयन दर 75-80 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत 35-40 प्रतिशत से काफी अधिक है।
रोजगार और क्षेत्रीय विकास पर जोर
मंत्री ने बताया कि अहिल्यानगर के सूपा एमआईडीसी में जर्मन साझेदारी के साथ 1,000 करोड़ रुपए का एफडीआई प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर और गडचिरोली में भी औद्योगिक परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य रोजगार सृजन और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।
विवादों पर सरकार का पक्ष
वेदांता, फॉक्सकॉन और एयरबस जैसी कंपनियों के महाराष्ट्र से बाहर जाने के मुद्दे पर सामंत ने कहा कि सभी एमओयू उचित जांच-परख और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही किए जाते हैं और निवेशकों को नियमों के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
विधायकों से सहयोग की अपील
मंत्री उदय सामंत ने मुंबई के विधायकों से विकास परियोजनाओं में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और इसके विकास के लिए बीएमसी और राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही हैं, ताकि शहर के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और निवेश को भी बढ़ावा मिले।

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