मुंबई में साइबर ठगी पर सराहनीय एक्शन
मुंबई : पुलिस की 1930 साइबर हेल्पलाइन ने साइबर ठगी के मामलों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनवरी 2026 से 19 मई 2026 के बीच हेल्पलाइन और क्राइम ब्रांच की टीम ने नागरिकों के ठगी गए 101 करोड़ रुपए से अधिक की रकम बचाने में कामयाबी हासिल की है। इस दौरान हजारों शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया गया।
2.55 लाख से ज्यादा कॉल्स हुईं दर्ज
बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच के अंतर्गत 17 मई 2022 से 1930 हेल्पलाइन शुरू की गई थी। इस हेल्पलाइन पर शेयर ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन टास्क फ्रॉड, जॉब फ्रॉड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, फिशिंग जैसे साइबर अपराधों की शिकायतें दर्ज की जाती हैं। 1 जनवरी 2026 से 19 मई 2026 तक हेल्पलाइन पर कुल 2 लाख 55 हजार 92 कॉल्स प्राप्त हुईं। इनमें से 30 हजार 302 मामलों में ठगी की रकम होल्ड करने में सफलता मिली। मुंबई पुलिस के अनुसार इस अवधि में कुल 101 करोड़ 39 लाख 6 हजार 556 रुपए की रकम बचाई गई। होल्ड किए गए मामलों का प्रतिशत 25.68 फीसदी रहा।
चार साल में 491 करोड़ रुपए की रकम फ्रीज
मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार मई 2022 से मई 2026 तक साइबर ठगी के मामलों में कुल 491 करोड़ 57 लाख 80 हजार 779 रुपए की रकम संबंधित बैंक खातों में फ्रीज कर नागरिकों को राहत दी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलते ही हेल्पलाइन पर तैनात अधिकारी तुरंत संबंधित बैंक, वॉलेट, मर्चेंट और पेमेंट गेटवे के नोडल अधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई शुरू करते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई। इस अभियान में सहायक पुलिस आयुक्त इरफान शेख, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुवर्णा शिंदे, पुलिस उपनिरीक्षक दत्तात्रय अलगुर और पुलिस उपनिरीक्षक पुनम जाधव समेत 1930 हेल्पलाइन की टीम शामिल रही।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या आर्थिक साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। समय रहते शिकायत दर्ज कराने पर ठगी गई पूरी या अधिकतम रकम वापस बचाई जा सकती है। नागरिक राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

