मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस ने मामले के 27वें आरोपी अमोल गायकवाड़ के खिलाफ लगभग 200 पन्नों की सप्लीमेंट्री (पूरक) चार्जशीट दाखिल की है। इसमें लगभग 30 गवाहों के बयान दर्ज हैं।
डब्बा कॉलिंग और सिग्नल ऐप का इस्तेमाल
जांच में खुलासा हुआ है कि गायकवाड़ इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड और फरार आरोपी शुभम लोनकर के सीधे संपर्क में था। पुलिस से बचने के लिए दोनों ‘डब्बा कॉलिंग’ और ‘सिग्नल’ जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे ताकि उनकी लोकेशन को ट्रैक न किया जा सके।
साजिश का मुख्य दौर
क्राइम ब्रांच के अनुसार, 1 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2024 के बीच गायकवाड़ और शुभम लोनकर के भाई प्रवीण लोनकर के बीच लगातार बातचीत हुई थी। माना जा रहा है कि इसी दौरान बाबा सिद्दीकी की हत्या की पूरी साजिश रची गई थी। हत्या के बाद जब शुभम लोनकर कनाडा भाग गया, तब भी गायकवाड़ उसके संपर्क में था।
पंजाब मर्डर केस में भी शामिल
चार्जशीट में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गायकवाड़ ने जुलाई 2025 में पंजाब के कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा की हत्या में भी अहम भूमिका निभाई थी। आरोप है कि उसने शुभम लोनकर के कहने पर शूटरों को ठिकाना और अन्य रसद मुहैया कराई थी।
मुख्य बिंदु
अमोल गायकवाड़ को अगस्त में कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया था। चार्जशीट में आरोपी के बिश्नोई गैंग के साथ संबंधों का भी उल्लेख है। वर्तमान स्थिति
फिलहाल अमोल गायकवाड़ पंजाब पुलिस की हिरासत में है, जहां उससे संजय वर्मा हत्याकांड के सिलसिले में पूछताछ की जा रही है।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल : बिश्नोई गैंग से अमोल के कनेक्शन का खुलासा
Article Top Ad
Article Inline Ad
Article Bottom Ad