डॉ. नीलम गोर्हे ने दिए सुधार के निर्देश
मुंबई: महाराष्ट्र में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर महिलाओं की सुरक्षा की जांच की गई है। विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र स्त्री मुक्ति परिषद ने यह सेफ्टी ऑडिट पूरे राज्य में किया। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का अधिकार दिलाना है।
जांच में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक वाहनों का निरीक्षण किया गया। सीसीटीवी कैमरे, रोशनी, पुलिस गश्त, हेल्पलाइन, पैनिक बटन, शौचालय, महिलाओं के लिए विशेष सीटें और स्तनपान कक्षों की जांच की गई।
कई जगह मिली कमियां
जांच में पता चला कि कई जगहों पर सुविधाएं तो हैं, लेकिन वे सही तरीके से काम नहीं कर रही हैं। खासकर पैनिक बटन ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। डॉ. गोरहे ने कहा कि आपातकाल में महिलाओं को तुरंत मदद मिले, इसके लिए पैनिक बटन को नियंत्रण कक्ष से सीधे जोड़ा जाए। डॉ. गोर्हे की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला संगठनों ने रिपोर्ट पेश की। उन्होंने हर बस स्टैंड पर महिला कर्मचारी नियुक्त करने, अलग सतर्कता समितियां बनाने और नियमित जांच के निर्देश दिए। अगले तीन महीनों में रोड डेवलपमेंट, एसटी, रेलवे और मेट्रो विभागों के साथ बैठकें होंगी। विधायकों के सहयोग से इन सुधारों को लागू किया जाएगा।
महिला सुरक्षा ऑडिट में सार्वजनिक परिवहन ‘फेल’ : पैनिक बटन नहीं कर रहे ठीक से काम!
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