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झुग्गी-झोपड़ी से भूमि विखंडन तक : कैबिनेट ने लिए 8 बड़े निर्णय!

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मुंबई. राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार आयोजित की गई. बैठक में सरकार ने 8 महत्वपूर्ण निर्णय लिए. इनमें तीन महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं. इन निर्णयों में से पहला भूमि के विखंडन अर्थात छोटे टुकड़े करने से संबंधित है. तो वहीं दूसरा निर्णय झुग्गियों के पुनर्वास के बारे में है. इस निर्णय के अनुसार, एस. आर. ए. में क्लस्टर योजना को लागू करने की मंजूरी दी गई है। इन दो बड़े फैसलों के साथ-साथ कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए हैं. जो कि नीचे दिए अनुसार है…
महाराष्ट्र सरकार ने भूमि विखंडन निषेध अधिनियम में संशोधनों को मंजूरी देने का निर्णय लिया है. महाराष्ट्र विखंडन और किरायेदारी भूमि समेकन रोकथाम अधिनियम, 1947 में संशोधन किया जाएगा. अधिनियम की धारा 8 (बी) का परंतुक धारा 9 में उप-धारा (3) के बाद जोड़ा जाएगा.
महाराष्ट्र राज्य रत्न और आभूषण नीति-2025 की घोषणा की गई है. सोना, चांदी के आभूषण, हीरे और रत्नों से जुड़े उद्योग-व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा. 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने और पांच लाख नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है.
राज्य के शहरी क्षेत्रों में सीवेज उपचार नीति को मंजूरी दे दी गई है. सीवेज उपचार और इसके पुनर्चक्रण के माध्यम से चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने वाला है. टिकाऊ अपशिष्ट जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवेश की अवधारणा को बल मिलेगा. यह नीति राज्य के 424 शहरी स्थानीय निकायों में लागू की जाएगी.
स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एस. आर. ए.) के तहत मुंबई में स्लम पुनर्विकास के लिए स्लम क्लस्टर पुनर्विकास योजना लागू की जाएगी.
केंद्र प्रायोजित पीएमई बस योजना के तहत ई-बस डिपो और चार्जिंग प्रणाली के लिए 30 वर्षों के लिए अमरावती नगर निगम को मौजा बडनेरा में 2 हेक्टेयर 38 आर भूमि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है.
निजी सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक आवासीय आश्रमशालाओं के गैर-शिक्षण कर्मचारियों, गन्ना श्रमिकों के बच्चों और बेटियों के लिए आवासीय आश्रमशालाओं और गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित विद्यानिकेतन आश्रमशालाओं के लिए 2 लाभों की संशोधित सेवा के तहत आश्वस्त प्रगति योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया है.
एकीकृत और सतत वस्त्र नीति, 2023-28 के तहत, सहकारी कताई मिलों की तर्ज पर निजी कताई मिलों को 3 रुपए प्रति यूनिट की बिजली सब्सिडी छूट लागू करने का निर्णय लिया गया है. क्लस्टरों में बुनकरों को राज्य औद्योगिक क्लस्टर विकास योजना के तहत राहत मिलेगी. बिजली छूट का लाभ उठाने के लिए मशीनरी मालिकों को कपड़ा आयुक्तालय के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. सरकारी निर्णय जारी होने के छह महीने के भीतर पंजीकरण कराना होता है.
अहिल्या नगर जिले के अकोले में वरिष्ठ स्तर के सिविल न्यायालय के लिए आवश्यक पदों को मंजूरी दी गई है.

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