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‘कैप्टन’ खरात का काला साम्राज्य बेनकाब : पुलिस ट्रैप से हुई गिरफ्तारी

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महिला शोषण से शुरू हुआ मामला, अब बना बड़ा आपराधिक जाल
मुंबई: स्वयंभू तांत्रिक और खुद को “कैप्टन” बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ सामने आए मामलों ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। शुरुआत महिलाओं के लैंगिक शोषण के आरोपों से हुई, लेकिन अब जांच में उसके बहुआयामी आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।
SIT की सख्त जांच, IPS तेजस्वी सातपुते की अपील
सरकार द्वारा गठित SIT की कमान IPS तेजस्वी सातपुते संभाल रही हैं। पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के आधार पर सबूत जुटाए जा रहे हैं। अन्य पीड़ितों को आगे लाने के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है
पहचान गोपनीय रखने का भरोसा दिया गया है।
हेल्पलाइन नंबर: 9503270224 / 7775816389
संपर्क अधिकारी: DSP किरणकुमार सूर्यवंशी, PI तृप्ती सोनवणे, PI राहुल मोरे
6 केस दर्ज, और बढ़ सकती है संख्या
खरात के खिलाफ अब तक 6 मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। पुलिस लगातार महिलाओं से आगे आने की अपील कर रही है।
CM फडणवीस का खुलासा—‘पुलिस ट्रैप’ से हुई गिरफ्तारी
विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहली बार विस्तार से बताया कि खरात को पकड़ने के लिए पुलिस ने विशेष ट्रैप तैयार किया।
गिरफ्तारी से पहले पूरी गोपनीयता बरती गई
आरोपी देश छोड़कर न भागे, इसके लिए सख्त निगरानी रखी गई।
CM ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और सरकार इसे पूरी संवेदनशीलता से देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विस्तृत बयान सदन में पेश किया जाएगा।
हत्या और जमीन कब्जाने के गंभीर आरोप
नाशिक के किसान कैलास जाधव ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद के चलते उनके भाई की संदिग्ध मौत हुई। पहले भी जान को खतरा होने की शिकायत दी गई थी। खरात ने धोखाधड़ी से जमीन कब्जाई। इसके अलावा पाथर्डी इलाके में कई किसानों की जमीन हड़पने के आरोप भी सामने आए हैं।
कैप्टन’ की झूठी पहचान
खुद को नेवी का “कैप्टन” बताने वाला खरात महज 8वीं पास निकला। असल में उसने 8वीं के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी थी। अर्थात उसके पास कोई आधिकारिक डिग्री है और न ही वह कभी सेना में था। फिर भी झूठी छवि से उसने नेताओं, अधिकारियों और आम लोगों को प्रभावित किया।
अपने पिता को भी ठगा, बचपन से ठगी की प्रवृत्ति
गांववालों के अनुसार, पिता से 4,000 रुपए लेकर फरार हो गया था
चार साल बाद वापस लौटा। यह घटना उसके शुरुआती आपराधिक व्यवहार को दर्शाती है।
‘20 फुट के नाग’ का डर
जांच में खुलासा हुआ कि खरात “दैवी शक्ति” दिखाने के लिए 20 फुट का नाग बुलाने का दावा करता था। असल में वह रिमोट कंट्रोल से चलने वाला नकली सांप था। नकली बाघ की खाल से भी लोगों में डर फैलाया जाता था। इस तरह वह अंधविश्वास के जरिए लोगों को अपने प्रभाव में लेता था।
फरार PA रमेश हिंगे—जांच की अहम कड़ी
खरात का करीबी सहयोगी रमेश हिंगे फरार है। आर्थिक लेन-देन और हाई-प्रोफाइल संपर्कों की जानकारी उसी के पास होने की आशंका है।
SIT उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
हनी ट्रैप से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक—‘दस मुंह वाला अपराधी’
जांच में सामने आया कि खरात महिलाओं का लैंगिक शोषण करता था। वह हनी ट्रैप के जरिए कारोबारियों को फंसाता था। कथित तौर पर काले धन को सफेद करने में भी शामिल था।
किसानों को धमकाकर जमीन हड़पता था
गांव के फंड को अपने ट्रस्ट में डायवर्ट करता था। पानी संसाधनों का दुरुपयोग करता था। उसकी करतूतों को “दस सिर वाले रावण” जैसी बहुआयामी आपराधिक प्रवृत्ति बताया जा रहा है।
राजनीतिक और हाई-प्रोफाइल कनेक्शन जांच के घेरे में
कई मंत्री, नेता और प्रभावशाली लोग उसके संपर्क में थे। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने इस केस को और संवेदनशील बना दिया है।

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