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गैर मराठी ऑटो रिक्शा टैक्सी चालकों को एक साल की मोहलत : शिंदे ने शाह से की फडणवीस की शिकायत

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एयरपोर्ट पर मुलाकात में 10 मिनट तक चली चर्चा
मुंबई : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) शनिवार को एक दिवसीय निजी दौरे पर मुंबई आए थे। इस दौरान उनसे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की एयरपोर्ट पर हुई करीब 10 मिनट की एकांत मुलाकात ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों को तेज कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के साथ शिवसेना (Shiv Sena) के मंत्रियों में कथित नाराजगी और गैर-मराठी ऑटो रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत दिए जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के फैसले को लेकर अपनी नाराजगी शाह के सामने रखी, जिस पर शाह ने उन्हें चिंता नहीं करने का आश्वासन दिया।
पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुंबई आए थे। मुंबई पहुंचने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार (Sunetra Ajit Pawar) ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अमित शाह को राखी भी बांधी। कार्यक्रम के बाद अमित शाह दिल्ली रवाना हुए। इसी दौरान एयरपोर्ट पर एकनाथ शिंदे ने उनसे मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने करीब 10 मिनट तक एकांत में बातचीत की। इस मुलाकात को राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
शिवसेना के मंत्रियों की नाराजगी पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान शिवसेना के मंत्रियों में चल रही कथित नाराजगी का मुद्दा भी उठा। मंत्रियों के बीच असंतोष की खबरों और राज्य सरकार के कुछ फैसलों को लेकर दोनों नेताओं के बीच चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसी क्रम में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा से जुड़े फैसले का मुद्दा भी चर्चा में आने की बात कही जा रही है। सूत्रों का दावा है कि शिंदे ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के फैसले पर अपनी आपत्ति अमित शाह के सामने रखी।
फडणवीस ने पलटा था सरनाईक का फैसला
राज्य की बीजेपी नीत महायुति सरकार में शामिल उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता व परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) ने राज्य में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया था। परिवहन मंत्री सरनाईक ने इस संबंध में आदेश जारी किया था। चालकों को मराठी सीखने और प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 15 अगस्त तक की समयसीमा दी गई थी। समयसीमा समाप्त होने के बाद जिन चालकों के पास मराठी भाषा का प्रमाणपत्र नहीं था या जिन्हें मराठी बोलने में परेशानी थी, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। इस कार्रवाई को लेकर गैर-मराठी ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों में खासकर बीजेपी के प्रति नाराजगी सामने आई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत देने की घोषणा कर दी।
एकतरफा फैसला
माना जा रहा है कि मुंबई सहित महाराष्ट्र के बीजेपी समर्थक वोटरों एवं निकट भविष्य में संभावित यूपी विधान सभा चुनावों की पृष्ठभूमि में फडणवीस ने सरनाईक के निर्णय के खिलाफ अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल किया था। फडणवीस के इसी एकतरफा फैसले को लेकर शिवसेना के भीतर नाराजगी होने की चर्चा है।
शाह का शिंदे को आश्वासन
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह और एकनाथ शिंदे के बीच हुई बातचीत में इन तमाम राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि शिंदे ने राज्य में अपनी पार्टी के मंत्रियों की नाराजगी और सरकार के कुछ फैसलों को लेकर अपनी बात शाह के सामने रखी। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने बातचीत के दौरान एकनाथ शिंदे से कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का आधिकारिक ब्यौरा सामने नहीं आया है। ऐसे में शाह के आश्वासन और मुलाकात में उठाए गए मुद्दों को लेकर सामने आ रही जानकारी फिलहाल सूत्रों पर आधारित है।

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