मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी और सपनों के शहर मुंबई में अपना घर होना लाखों लोगों का सबसे बड़ा सपना है और इसी सपने को पूरा करने की उम्मीद वर्षों से महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा/MHADA) से जुड़ी रही है। इसी उम्मीद को नई मजबूती देते हुए MHADA ने 2,640 आवासों की कंप्यूटरीकृत लॉटरी निकाली। इस अवसर पर कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री तथा मुंबई उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा (Mangal Prabhat Lodha) ने स्पष्ट निर्देश दिए कि MHADA के लिए आरक्षित घर नहीं सौंपने वाले बिल्डरों के खिलाफ केवल एफआईआर दर्ज कर रुकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
नागरिकों और MHADA के बीच बनेगी सलाहकार समिति
लोढ़ा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) द्वारा महानगरपालिका स्तर पर शुरू की गई सलाहकार समिति की तर्ज पर MHADA में भी ऐसी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आवास विशेषज्ञों, वास्तुकारों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल कर सलाहकार समितियां बनाई जाएं ताकि नागरिकों और MHADA प्रशासन के बीच संवाद मजबूत हो तथा स्थानीय समस्याओं का तेजी से समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, न्यायसंगत और किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
घर का सपना पूरा करने में MHADA की बड़ी भूमिका
आवास राज्यमंत्री पंकज भोयर ने कहा कि देशभर से लोग रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर मुंबई आते हैं और हर व्यक्ति इस स्वप्न नगरी में अपने घर का सपना देखता है। उन्होंने कहा कि MHADA वर्षों से इस सपने को साकार कर रहा है। इस बार 2,640 फ्लैटों के लिए 75,127 आवेदन प्राप्त हुए, यानी प्रत्येक फ्लैट के लिए औसतन 28.54 आवेदन आए। यह आंकड़ा MHADA पर लोगों के बढ़ते विश्वास और किफायती आवास की भारी मांग को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री तथा आवास मंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के मार्गदर्शन में राज्यभर में समूह पुनर्विकास और आवास निर्माण की कई योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
BDD चॉल पुनर्विकास बना मिसाल
महापौर रितू तावड़े ने कहा कि BDD चॉल पुनर्विकास परियोजना (BDD Chawl Redevelopment Project) के तहत 160 वर्गफुट के कमरों में रहने वाले परिवारों को 500 वर्गफुट के आधुनिक फ्लैट निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे हजारों परिवारों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है और मुंबई में लोगों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है।
सात वर्षों में लाखों घरों का लक्ष्य
MHADA के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल (Sanjeev Jaiswal) ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में MHADA की विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों ने लगभग 25 लॉटरी आयोजित कर करीब 50 हजार घर उपलब्ध कराए हैं। राज्य सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में 30 लाख घरों का लक्ष्य रखा है, जिसमें लगभग 22 लाख घर स्लम पुनर्विकास प्राधिकरण (SRA) के माध्यम से तथा 8 लाख घर MHADA और अन्य एजेंसियों द्वारा बनाए जाएंगे। इनमें अकेले MHADA ने साढ़े सात लाख से अधिक घरों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि नई आवास नीति में केवल मकान निर्माण ही नहीं, बल्कि वर्किंग वुमन हॉस्टल, वृद्धाश्रम, छात्रावास, औद्योगिक श्रमिकों के लिए आवास और किराये के मकानों की व्यवस्था को भी शामिल किया गया है। साथ ही जनवरी-फरवरी 2027 में मुंबई मंडल की अगली आवास लॉटरी जारी किए जाने की भी जानकारी दी।
बिल्डरों के खिलाफ सख्ती से मिलेंगे हजारों अतिरिक्त घर
बांद्रा (पश्चिम) स्थित रंगशारदा सभागार में आयोजित लॉटरी कार्यक्रम में आवास राज्यमंत्री पंकज भोयर (Pankaj Bhoyar), महापौर रितू तावड़े (Ritu Tawde), मुंबई मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर (Milind Borikar), मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद शंभारकर (Milind Shambharkar) तथा उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल वानखेडे (Anil Wankhede) सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बिल्डरों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि अतिरिक्त विकास अधिकारों का लाभ लेने वाले डेवलपर्स के लिए MHADA को आरक्षित आवास सौंपना अनिवार्य है, लेकिन कई मामलों में वर्षों तक ये घर MHADA को नहीं दिए जाते। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरत पड़े तो ऐसे डेवलपर्स को जेल भेजा जाए। उनका कहना था कि यदि एक-दो मामलों में कड़ी कार्रवाई होगी तो अन्य बिल्डर भी नियमों का पालन करेंगे और इससे कम से कम एक हजार अतिरिक्त घर जल्द आम नागरिकों के लिए उपलब्ध हो सकेंगे।

लाखों लोगों ने देखा लाइव प्रसारण
MHADA की कंप्यूटरीकृत लॉटरी का सीधा प्रसारण उसके आधिकारिक यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर किया गया। यूट्यूब पर लगभग 95 हजार और फेसबुक पर करीब 13 हजार लोगों ने घर बैठे इस लॉटरी का लाइव प्रसारण देखा।
हाईलाइट्स
MHADA के लिए आरक्षित घर नहीं सौंपने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
नागरिकों और MHADA के बीच बेहतर संवाद के लिए सलाहकार समिति बनाने का सुझाव।
2,640 फ्लैटों की लॉटरी के लिए 75,127 आवेदन, हर घर के लिए औसतन 28.54 दावेदार।
