मुंबई : महाराष्ट्र के धुले जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। साक्री तालुका के जैताणे गांव में एक तथाकथित बाबा के आश्रम में शनि अमावस्या की रात पूजा के लिए गए एक युवक और युवती की निर्मम हत्या कर दी गई। यह घटना उस वक्त सामने आई है, जब नाशिक के भोंदू बाबा अशोक खरात और सोलापुर के ‘मनोहर मामा’ जैसे पाखंडियों के कारनामे अभी लोगों के जेहन में ताजा ही हैं।
सड़क किनारे मिली युवती की लाश से खुला राज
शनिवार की सुबह निजामपुर इलाके में रायपुर-भडगांव मार्ग पर एक अज्ञात महिला का शव मिला। उसके मुंह पर रुमाल बंधा था और शव के ऊपर एक दोपहिया वाहन फेंका गया था। जांच में यह शव 25 वर्षीया जयश्री रजनीकांत काकुस्ते का निकला, जो एक फाइनेंस कंपनी में काम करती थी। उसके चाचा संजय हिरे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
पूजा विधि के बाद हुआ खूनी विवाद
जयश्री के चाचा ने पुलिस को बताया कि जयश्री और उसका दोस्त अक्षय गंगाधर सोनावणे, जो स्थानीय ग्राम पंचायत में चपरासी था और पुश्तैनी केबल व्यवसाय भी चलाता था, दोनों शनि अमावस्या की रात पूजा के लिए भोंदू बाबा योगेश उर्फ भैया बापू खैरनार के आश्रम गए थे। वहां पूजा विधि के बाद किसी बात पर तीखा विवाद हो गया, जो खूनी कांड में तब्दील हो गया। बाबा ने अक्षय के सिर पर लोहे की वस्तु से प्रहार कर उसकी हत्या की, जबकि जयश्री का दुपट्टे से गला घोंट कर जान ले ली।
एक केसरिया रुमाल बना बाबा की बरबादी का सबब
घटनास्थल पर पुलिस को एक केसरिया रंग का रुमाल मिला, जो इस पूरे मामले की कड़ी साबित हुआ। पुलिस के श्वान दस्ते को जब यह रुमाल सुंघाया गया, तो श्वान सीधे योगेश खैरनार के मठ की ओर जा पहुंचा। पुलिस ने तत्काल बाबा को हिरासत में लिया। पहले वह टालमटोल करता रहा, लेकिन सख्त पूछताछ के आगे उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बाबा की झूठी कहानी और शव को छिपाने की कोशिश
गिरफ्तारी से बचने के लिए बाबा ने एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी। उसने दावा किया कि जयश्री को कोई और मार रहा था और उसे बचाने की कोशिश में अक्षय की हत्या हो गई। लेकिन पुलिस की जांच में यह झूठ टिक नहीं पाया। बाबा ने कबूल किया कि उसने अक्षय का शव आश्रम के पास उभांरडी के जंगल में बैलगाड़ी से ले जाकर दफन किया था। जमीन पर बैलगाड़ी के पहियों के निशान मिलने से यह बात पुख्ता हुई और पुलिस ने शव बरामद कर लिया।
पुलिस कर रही साथियों की तलाश
निजामपुर पुलिस अधिकारी मयुर भामरे ने मीडिया को बताया कि दोनों मृतक किस विशेष पूजा के लिए आश्रम आए थे, इसकी गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में नरबलि जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
