नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमनेई का अंतिम संस्कार मशहद में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा प्रतिनिधि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण भेजा गया था, लेकिन उनकी ओर से दोनों प्रतिनिधियों को भेजने का निर्णय लिया गया है।
5 से 9 जुलाई तक होंगे कार्यक्रम
ईरानी सूत्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 से 9 जुलाई के बीच आयोजित किए जाएंगे। 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम में विभिन्न धार्मिक और श्रद्धांजलि कार्यक्रम होंगे, जबकि 9 जुलाई को मशहद में अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की जाएगी।
पहले भी शोक सभा में शामिल हुई थीं मार्गेरिटा
विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा इससे पहले अप्रैल में ईरानी दूतावास द्वारा आयोजित खामेनेई के चेहेलुम कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। यह शोक सभा उनके निधन के 40वें दिन आयोजित की गई थी।
मशहद में दी जाएगी अंतिम विदाई
ईरानी सरकारी टेलीविजन आईआरआईबी के अनुसार, जनाजे को तेहरान और कोम से होते हुए मशहद ले जाया जाएगा, जहां इमाम रजा दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फरवरी में हुए हमले में मारे गए उनकी बेटी और दामाद को भी उसी दिन दफनाया जाएगा।
मशहद में होगा खोमनेई का अंतिम संस्कार : भारत से शामिल होंगे दो प्रतिनिधि
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