मुंबई : दक्षिण मुंबई स्थित सर जे.जे. महानगर सरकारी ब्लड बैंक (Sir JJMetropolitan Government Blood Bank) में कथित रक्त अनियमितताओं का मुद्दा महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विधान परिषद में उठाया गया। भाजपा विधायक चित्रा किशोर वाघ ने इसे मरीजों की जान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए डॉ. हितेष पगारे (DR. HITESH PAGARE) और डॉ. भिसे के तत्काल निलंबन, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने तथा एसआईटी (SIT) से आर्थिक लेनदेन की जांच की मांग की.
सरकार से पूछे गए अहम सवाल
चित्रा वाघ (CHITRA WAGH) ने सवाल उठाया कि 188 में से 55 रक्त बैग बिना अधिकृत रिकॉर्ड और पूर्व अनुमति के निजी ब्लड बैंक तक कैसे पहुंचे। उन्होंने एसबीटीसी (SBTC) का पिछले 10 वर्षों से ऑडिट नहीं होने, डोनर कार्ड पर बारकोड की अनुपस्थिति, गरीब मरीजों से रक्त के बदले पैसे मांगने के आरोपों और एसबीटीसी में पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी जवाब मांगा। सरकार ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया.
FDA की जांच में मिली थीं गंभीर खामियां
गौरतलब है कि 22 से 24 जून 2026 के बीच खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और सीडीएससीओ (CDSCO) की संयुक्त जांच में जे.जे. महानगर ब्लड बैंक में रक्त भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण, एक्सपायर्ड और रिएक्टिव रक्त बैग की हैंडलिंग, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन तथा उपकरणों से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद एफडीए ने जे.जे. महानगर ब्लड बैंक और बदलापुर के माया ब्लड सेंटर का संचालन अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए हैं।
विप में उठा जे.जे. ब्लड बैंक अनियमितता प्रकरण : कड़ी कार्रवाई की मांग
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