मुंबई. महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तीव्र बनाने के लिए सरकार ने अब ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट’ (CBT) प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया है। हर साल 50 से 60 हजार पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती पूरी करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि रिक्तियां लंबे समय तक खाली न रहें और युवाओं को उसी वर्ष नियुक्ति मिल सके।
निजीकरण की आशंकाओं का खंडन
विधान परिषद में मंत्री आशीष शेलार ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया का किसी भी प्रकार से निजीकरण नहीं किया जाएगा। हालांकि, परीक्षा आयोजित करने के लिए आवश्यक तकनीकी प्रणाली टीसीएस (TCS) जैसी अनुभवी संस्थाओं से ली जाएगी, जिससे पूरी व्यवस्था विश्वसनीय और त्रुटिहीन बनी रहे।
परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव
वर्तमान में ऑफलाइन परीक्षा के लिए केंद्रों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। देश की अन्य प्रमुख परीक्षाओं जैसे JEE, SSC और बैंकिंग परीक्षाओं की तर्ज पर CBT प्रणाली अपनाने से ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को भी सुविधा होगी। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अंकों का नॉर्मलाइजेशन (Normalization) किया जाएगा और छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और निष्पक्ष हो जाएगी।
MPSC भरती प्रक्रिया अब और भी तेज: CBT प्रणाली का होगा उपयोग
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