भंडार बढ़कर 785.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर
मुंबई. विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) के मामले में भारत ने बड़ी छलांग लगाते हुए रूस (Russia) को पीछे छोड़ दिया है। चार सितंबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) 44.9 अरब डॉलर (Billion Dollar) बढ़कर 785.7 अरब डॉलर (Billion Dollar) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) वाला देश बन गया है। ब्लूमबर्ग (Bloomberg) के आंकड़ों के अनुसार, भारत से आगे चीन (China), जापान (Japan) और स्विट्जरलैंड (Switzerland) हैं।
चीन, जापान और स्विट्जरलैंड से पीछे
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) के आंकड़ों के अनुसार, चार सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में 44.9 अरब डॉलर (Billion Dollar) की वृद्धि हुई। इसके बाद भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) 785.7 अरब डॉलर (Billion Dollar) हो गया। ब्लूमबर्ग (Bloomberg) के आंकड़ों के मुताबिक, चीन (China) का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) करीब 3.85 ट्रिलियन डॉलर (Trillion Dollar), जापान (Japan) का 1.21 ट्रिलियन डॉलर (Trillion Dollar) और स्विट्जरलैंड (Switzerland) का 1.09 ट्रिलियन डॉलर (Trillion Dollar) है।
एफसीएनआर जमा से आया बड़ा प्रवाह
विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में यह रिकॉर्ड बढ़ोतरी रिजर्व बैंक की विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बैंक एफसीएनआर (बी) जमा योजना (FCNR(B) Deposit Scheme) में डॉलर (Dollar) के बड़े प्रवाह के बीच हुई है। इस योजना के तहत बैंकों ने 127 अरब डॉलर (Billion Dollar) से अधिक की राशि जुटाई है। अनिवासी भारतीयों (NRI) की बढ़ती रुचि को देखते हुए इस योजना को निर्धारित समय से एक महीने पहले 31 अगस्त को बंद कर दिया गया था।
सोने के भंडार (Gold Reserves) में आई कमी
विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में इतनी बड़ी वृद्धि के बावजूद भारत के सोने के भंडार (Gold Reserves) में कमी आई है। सप्ताह के दौरान सोने का भंडार (Gold Reserves) 2.59 अरब डॉलर (Billion Dollar) घटकर 113.81 अरब डॉलर (Billion Dollar) रह गया। इसके बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में कुल मिलाकर रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई।
रुपये को संभालने में मिलेगी ताकत
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद का संकेत माना जाता है। इससे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) को रुपये (Rupee) में अधिक अस्थिरता आने की स्थिति में हस्तक्षेप करने की अतिरिक्त क्षमता मिलती है। केंद्रीय बैंक स्पॉट (Spot) और फॉरवर्ड (Forward) मुद्रा बाजारों में हस्तक्षेप कर रुपये (Rupee) को तेज गिरावट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आरबीआई बेचेगा 1 लाख करोड़ के सरकारी बॉन्ड
इस बीच, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त तरलता (Liquidity) को कम करने के लिए एक लाख करोड़ रुपए के सरकारी बॉन्ड (Government Bonds) बेचने की घोषणा की है। यह बिक्री ओपन मार्केट ऑपरेशन (Open Market Operation-OMO) के माध्यम से तीन चरणों में की जाएगी। 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रुपए, 21 सितंबर को 25,000 करोड़ रुपए और 28 सितंबर को 25,000 करोड़ रुपए के सरकारी बॉन्ड (Government Bonds) बेचे जाएंगे।
3.53 लाख करोड़ रुपए पहले ही जुटाए
इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने सोमवार को वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (Variable Rate Reverse Repo-VRRR) नीलामी के माध्यम से 3.53 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाई थी। इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी (Liquidity) को वापस लेना था। वीआरआरआर नीलामी (VRRR Auction) मौद्रिक नीति (Monetary Policy) का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय बैंक अतिरिक्त तरलता (Liquidity) को सोखने और वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) बनाए रखने के लिए करता है।
विदेशी मुद्रा भंडार में भारत की बड़ी छलांग : रूस को पीछे छोड़ बना दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश
Article Top Ad
Article Inline Ad
Article Bottom Ad