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पाकिस्तान की नई ‘नौटंकी’ : भारत के दुश्मन मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम

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2021 से अफगानिस्तान में होने का दावा
अब एफआईए की रेड बुक में भगोड़ा घोषित
26/11 से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी सूची में

मुंबई. भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों के साजिशकर्ता मसूद अजहर (Masood Azhar) को लेकर पाकिस्तान की कथित नौटंकी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पाकिस्तान वर्षों से दावा करता रहा है कि अजहर 2021 में देश छोड़कर अफगानिस्तान भाग गया था। अब पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (Federal Investigation Agency-FIA) ने उसे अपनी सबसे वांछित आतंकियों की ‘रेड बुक’ में भगोड़ा घोषित करते हुए उस पर इनाम 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दिया है। इस कदम से सवाल उठ रहे हैं कि पाकिस्तान वास्तव में अजहर को पकड़ना चाहता है या अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच कार्रवाई का दिखावा कर रहा है।
इनाम 20 लाख रुपए बढ़ाया
एफआईए (FIA) के आतंकवाद निरोधक विभाग की ओर से तैयार रेड बुक में मसूद अजहर को सबसे वांछित आतंकियों में शामिल किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम को 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए किया गया है। अजहर को 1999 में इंडियन एयरलाइंस (Indian Airlines) की उड़ान आईसी-814 (IC-814) के अपहरण के बाद बंधक यात्रियों के बदले भारतीय जेल से रिहा किया गया था।
भारत के दावे से अलग तस्वीर
पाकिस्तान के अनुसार अजहर देश में नहीं है, लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियों से जुड़ी जानकारी में दावा किया गया है कि वह पिछले करीब छह महीने से सिंध (Sindh) प्रांत के नवाबशाह (Nawabshah) में छिपा हुआ है। ऐसे में एफआईए की रेड बुक में उसे भगोड़ा घोषित करना पाकिस्तान के पुराने दावों और जमीन पर मौजूदगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
एफएटीएफ की बैठक से पहले कदम
मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने का फैसला अक्टूबर 2026 में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force-FATF) की पूर्ण बैठक से पहले सामने आया है। हालांकि, पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में एफएटीएफ की बढ़ी हुई निगरानी वाली सूची से हटा दिया गया था और मौजूदा स्थिति में उसे ग्रे लिस्ट में नहीं माना जाता। इसलिए इस फैसले को सीधे एफएटीएफ की संभावित कार्रवाई से जोड़ना जल्दबाजी होगी। फिर भी, पाकिस्तान के इस कदम से यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का संदेश देना चाहता है।
26/11 के 19 आतंकी भी रेड बुक में
एफआईए की नई रेड बुक में मुंबई (Mumbai) में हुए 26/11 आतंकी हमलों से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इनमें हमले की साजिश में मदद करने, वित्तीय सहायता देने और हमलावरों के लिए नावों की व्यवस्था करने के आरोपी शामिल हैं। इनमें से 17 आतंकियों के नाम, तस्वीरें और हमले में उनकी कथित भूमिका का विवरण दिया गया है। हालांकि, मोहम्मद खान (Mohammad Khan) और अब्दुल रहमान (Abdul Rehman) के संबंध में पुरानी सूची में उपलब्ध कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां नई सूची से हटा दी गई हैं। एफआईए के अनुसार, तुरबत (Turbat) निवासी मोहम्मद खान ने हमलावरों को मुंबई पहुंचाने के लिए ‘अल-हुसैनी’ नाव उपलब्ध कराई थी।
लश्कर-ए-तैयबा के 11 नाम
नई रेड बुक में लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) से जुड़े 11 आतंकियों के नाम भी हैं। इनमें मोहम्मद अमजद खान (Mohammad Amjad Khan), शाहिद गफूर (Shahid Ghafoor), मोहम्मद उस्मान (Mohammad Usman), अतीक-उर-रहमान (Atiq-ur-Rehman), रियाज अहमद (Riaz Ahmed), मोहम्मद मुश्ताक (Mohammad Mushtaq), मोहम्मद नईम (Mohammad Naeem), अब्दुल शकूर (Abdul Shakoor), मोहम्मद साबिर साल्फी (Mohammad Sabir Salfi), और शकील अहमद (Shakeel Ahmed) सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। इनमें कुछ पर 26/11 के हमलावरों की समुद्री यात्रा के लिए ‘अल-हुसैनी’ और ‘अल-फौज’ नावों की व्यवस्था करने में मदद का आरोप है।
एफआईए के अनुसार 26/11 से जुड़े 17 आरोपी करीब 18 वर्षों से फरार हैं। वहीं, भारतीय खुफिया सूत्रों का दावा है कि ये सभी अब भी पाकिस्तान में मौजूद हैं। ऐसे में रेड बुक में नाम शामिल करने और इनाम घोषित करने की कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।

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