अजीत पवार गुट को लगा बड़ा झटका
मुंबई : पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने 14 साल बाद शिवसेना में वापसी कर ली है। गुरुवार को मुंबई स्थित बालासाहेब भवन में उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में उनका पक्ष प्रवेश कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, मंत्री दादाजी भुसे और मंत्री उदय सामंत भी मौजूद रहे। परांजपे की इस घर वापसी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजीत पवार गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
“मेरे भीतर शिवसेना का ही डीएनए”
शिवसेना में शामिल होने के बाद आनंद परांजपे ने कहा कि उन्हें घर से ही शिवसेना की विचारधारा का संस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि वह दो बार शिवसेना के टिकट पर सांसद बने और इसमें एकनाथ शिंदे का बड़ा योगदान रहा। परांजपे ने कहा कि भले ही वह कुछ समय दूसरे दल में रहे हों, लेकिन उनके भीतर हमेशा शिवसेना का ही डीएनए रहा है।
संगठन के लिए काम करने की इच्छा जताई
आनंद परांजपे ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए एकनाथ शिंदे ने आम आदमी के लिए कई जनहितकारी फैसले लिए। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व से प्रभावित होकर उन्होंने फिर से शिवसेना में लौटने का फैसला किया। परांजपे ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी पद की अपेक्षा के बिना एकनाथ शिंदे और डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
डॉ. श्रीकांत शिंदे ने किया स्वागत
सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि आनंद परांजपे और शिंदे परिवार के बीच पुराने और आत्मीय संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस में रहते हुए भी परांजपे ने कई जिम्मेदारियां बिना किसी अपेक्षा के निभाईं। डॉ. शिंदे ने विश्वास जताया कि उनके संगठन कौशल का शिवसेना को बड़ा लाभ मिलेगा।
अजीत पवार गुट से दिया था इस्तीफा
इससे पहले परांजपे एनसीपी अजीत पवार में महासचिव और मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभा रहे थे। हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनाव में मौका नहीं मिलने की वजह से परांजपे, अजीत पवार की एनसीपी में नाराज थे। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र देकर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को भेज दिया।
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश
आनंद परांजपे ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस में उनका 14 साल का सफर हमेशा यादगार रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिले प्रेम और विश्वास को वह कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने भारी मन से पुराने सफर को समाप्त कर नए रास्ते पर आगे बढ़ने की बात कही।
पहले से लग रहे थे शिवसेना में जाने के कयास
कुछ दिनों पहले आनंद परांजपे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आनंदवन में मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके शिवसेना में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब उनकी आधिकारिक एंट्री के साथ इन अटकलों पर विराम लग गया है।
शिवसेना में लगातार बढ़ रही ताकत
डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए विभिन्न दलों के कार्यकर्ता लगातार शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में संगठन मजबूत करने के लिए एसआईआर का काम चल रहा है और शिवसेना ने एक लाख से अधिक बीएलओ नियुक्त किए हैं।

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