दिनेश शिंदे, मीडिया समन्वयक-शिवसेना
मुंबई: 21वीं सदी ज्ञान, तकनीक और नवाचार (Innovation) के युग के रूप में जानी जा रही है। इस वैश्विक परिवर्तन के केंद्र में आज ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) खड़ा है। मानव मस्तिष्क की तरह सोचने और निर्णय लेने की क्षमता रखने वाली यह प्रणाली आज शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रक्षा जैसे क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन ला रही है। भारत जैसे विशाल युवा आबादी वाले देश के लिए AI अब केवल एक तकनीकी शब्द नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी हथियार बन चुका है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोई खतरा नहीं, बल्कि भारत के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। यदि हम स्कूली शिक्षा में AI को शामिल करें और शोध को बढ़ावा दें, तो हमारी युवा पीढ़ी भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से विश्व गुरु बना सकती है। आज के समय में AI केवल भविष्य की जरूरत नहीं, बल्कि एक अपरिहार्यता है।
क्या है AI और इसकी व्यापकता?
सरल शब्दों में कहें तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर प्रणालियों को सोचने, सीखने और समस्याओं को हल करने में सक्षम बनाने की प्रक्रिया है। इसमें मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) जैसे महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं। आज भारत में ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्मार्ट सिटी’ जैसे अभियानों की सफलता में AI की बड़ी भूमिका है।
भारत की युवा शक्ति और AI का संगम
भारत की लगभग 65% जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा पीढ़ी तकनीक के प्रति सजग और बदलाव को अपनाने के लिए तत्पर है। यदि यह युवा शक्ति AI कौशल को आत्मसात कर ले, तो भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व (Global Tech Leadership) प्रदान करने से कोई नहीं रोक सकता।
रोजगार के नए अवसर: हालांकि यह डर बना रहता है कि AI पारंपरिक नौकरियों को खत्म कर देगा, लेकिन सच यह है कि यह डेटा साइंटिस्ट, AI इंजीनियर और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों जैसे नए और उच्च आय वाले पदों का सृजन कर रहा है।
स्टार्टअप संस्कृति: AI आधारित स्टार्टअप्स के माध्यम से भारतीय युवा उद्यमी आज वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में AI का प्रभाव
AI का प्रभाव भारत के सर्वांगीण विकास पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है:
शिक्षा: पर्सनलाइज्ड लर्निंग और स्मार्ट मूल्यांकन प्रणालियों ने शिक्षा को अधिक सुलभ और प्रभावी बना दिया है।
स्वास्थ्य सेवा: बीमारियों का शुरुआती निदान और ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन के जरिए बेहतर इलाज अब AI के कारण संभव हो रहा है।
कृषि: मौसम का सटीक अनुमान और फसल सुरक्षा के लिए AI आधारित प्रणालियां किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
प्रशासन: डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति आई है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ डेटा गोपनीयता (Data Privacy), साइबर खतरों और तकनीकी असमानता (Digital Divide) जैसी चुनौतियां भी हमारे सामने हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सही नीतियों और नैतिक ढांचे (Ethical Framework) की आवश्यकता है।
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