मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की कृषि उपज बाजार समितियों (APMC) में काम करने वाले माथाड़ी कामगारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के विपणन (मार्केटिंग) मंत्री जयकुमार रावल ने निर्देश दिया है कि अब बाजार समितियों में कृषि उपज की बोरियों का वजन अधिकतम 50 किलोग्राम ही रखा जाएगा। यह निर्णय वैश्विक श्रम सम्मेलन के दिशा-निर्देशों और स्थानीय कामगारों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए लिया गया है।
कामगारों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंत्री रावल ने कहा कि कामगारों को भारी वजन उठाने के कारण होने वाली शारीरिक समस्याओं से बचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार 50 किलो की सीमा तय की गई है। इस नियम के लागू होने से विशेष रूप से प्याज और आलू जैसी फसलों की लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी। विपणन विभाग को इस संबंध में तत्काल शासन निर्णय (GR) जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
सभी 305 समितियों में लागू होगा नियम
सरकार ने राज्य की सभी 305 बाजार समितियों को इस आदेश का प्रभावी ढंग से पालन करने को कहा है। मंत्री रावल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यापारियों और किसानों के बीच इस नियम को लेकर जागरूकता पैदा करें। बैठक में उपस्थित वन मंत्री गणेश नाईक ने भी सुझाव दिया कि अन्य राज्यों से आने वाली बोरियों का वजन भी सीमित करने के लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को एक प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए, ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा सके।
व्यापक स्तर पर होगी निगरानी
इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक शरद सोनवणे, माथाड़ी नेता नरेंद्र पाटील और विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित थे। सरकार अब केंद्र के माध्यम से देशभर में 50 किलो पैकिंग की मर्यादा तय करने के लिए भी प्रयास करेगी। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल कामगारों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि बाजार समितियों के कामकाज में भी अधिक पारदर्शिता और सुगमता आएगी।

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