‘लाडली बहन’ योजना में बड़ा एक्शन : लाभ लेने वाली उन महिलाओं से वसूली के आदेश

मुंबई: मुख्यमंत्री ‘माझी लाडकी बहीण’ (लाडली बहन) योजना में सामने आए बड़े अनियमितताओं के बाद राज्य सरकार ने अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधानसभा के मानसून सत्र में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि योजना का लाभ 13,415 सरकारी महिला कर्मचारियों ने नियमों के विरुद्ध लिया। अब इन लाभार्थियों से राशि की वसूली के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
विधानसभा में सामने आया बड़ा घोटाला
विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, योजना के नियमों का उल्लंघन कर बड़ी संख्या में अपात्र लोगों ने सरकारी सहायता प्राप्त की। सरकार ने स्वीकार किया है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही तथा अनियमितताओं के कारण योजना को बड़ा नुकसान हुआ है। इस मामले ने विधानसभा में भी जोरदार चर्चा बटोरी।
165 करोड़ रुपये का लाभ लेने का दावा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अपात्र लाभार्थियों ने मिलकर करीब 165 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि केवल महिलाओं के लिए शुरू की गई इस योजना में कुछ पुरुष लाभार्थियों के आवेदन भी स्वीकृत हो गए और उनके बैंक खातों में पैसे जमा किए गए। इससे योजना की जांच और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
जिलाधिकारियों को वसूली के निर्देश
मामला सामने आने के बाद सरकार ने संबंधित पुरुष लाभार्थियों तथा जांच में अपात्र पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खातों में जाने वाली किस्तों पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही नियमों के विरुद्ध जमा हुई राशि वापस लेने के लिए संबंधित विभागों और सभी जिलाधिकारियों को वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
e-KYC नहीं करने वालों का लाभ भी रोका
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन महिला लाभार्थियों ने अभी तक अपना e-KYC सत्यापन पूरा नहीं किया है, उनके खातों में जाने वाला लाभ भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अब इस पूरे मामले में नियमों का उल्लंघन कर लाभ लेने वालों और प्रक्रिया में शामिल दोषियों के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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