मुंबई: देश की सबसे समृद्ध और आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई की महानगरपालिका (बीएमसी) में करीब 29 वर्षों बाद भारतीय जनता पार्टी का महापौर बनने जा रहा है। लंबे समय तक प्रशासकीय नियंत्रण में रहने के बाद अब बीएमसी में राजनीतिक नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हो गया है। भाजपा ने वरिष्ठ नगरसेविका रितु तावड़े को महापौर पद के लिए नामांकित किया है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) के संजय शंकर घाड़ी उपमहापौर पद संभालेंगे।
29 साल बाद भाजपा का महापौर
भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने पार्टी मुख्यालय में रितु तावड़े के नाम की आधिकारिक घोषणा की। इसके साथ ही 29 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भाजपा को मुंबई महापालिका के सर्वोच्च पद पर पहुंचने का अवसर मिला है। इस फैसले से मुंबई की राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है।
मराठी चेहरे पर भाजपा का दांव
रितु तावड़े घाटकोपर क्षेत्र के प्रभाग क्रमांक 132 से निर्वाचित नगरसेविका हैं। यह इलाका भले ही गुजराती बहुल माना जाता हो, लेकिन तावड़े मराठा समाज से आती हैं और उन्हें एक सशक्त मराठी प्रतिनिधि के रूप में देखा जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा ने इस चयन के जरिए मराठी अस्मिता को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है, वहीं गुजराती समुदाय को भी संतुलित संदेश देने की कोशिश की है।
महायुति में सत्ता का बंटवारा
महायुति के तहत भाजपा को महापौर पद और शिवसेना (शिंदे गुट) को उपमहापौर पद दिया गया है। संजय शंकर घाड़ी अगले सवा वर्ष तक उपमहापौर रहेंगे। महापालिका मुख्यालय में हुई संयुक्त बैठक में भाजपा और शिवसेना (शिंदे) के वरिष्ठ नेताओं ने सत्ता के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगाई।
महायुति को बहुमत
मुंबई महानगरपालिका की 227 सीटों में से भाजपा को 89, शिवसेना (शिंदे गुट) को 29, शिवसेना (ठाकरे गुट) को 65 और कांग्रेस व अन्य दलों को 25 सीटें मिली हैं। सत्ता के लिए जरूरी 114 सीटों के आंकड़े को पार करते हुए महायुति के पास कुल 118 सीटें हैं। इसी कारण महापौर और उपमहापौर का चुनाव लगभग तय माना जा रहा था।
ठाकरे गुट ने किया चुनाव से किनारा
भाजपा और शिवसेना (शिंदे) द्वारा दोनों पदों पर मराठी उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शिवसेना (ठाकरे गुट) ने महापौर चुनाव से हटने का फैसला किया। गटनेता किशोरी पेडणेकर ने स्पष्ट किया कि मराठी महिला महापौर को “अपशकुन” नहीं किया जाएगा और उनकी पार्टी एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएगी। इसके चलते रितु तावड़े और संजय घाड़ी का चयन बिनविरोध तय हो गया है।
कौन हैं रितु तावड़े?
53 वर्षीय रितु तावड़े का यह दूसरा कार्यकाल नहीं, बल्कि वे पहले भी कई बार नगरसेविका रह चुकी हैं।
2012 में प्रभाग 127 से जीत
2017 में प्रभाग 121 से निर्वाचित
2025 में प्रभाग 132 से फिर जीत
वे महापालिका की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव और पार्टी संगठन में मजबूत पकड़ के चलते उन्हें महापौर पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।
बिनविरोध चुनाव, नया राजनीतिक अध्याय
ठाकरे गुट के चुनाव से हटने के बाद मुंबई महापालिका में भाजपा का पहला मराठी महिला महापौर बनना लगभग तय हो गया है। इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी और सबसे अमीर महानगरपालिका में सत्ता संतुलन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
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