मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चलती लोकल ट्रेन में एक महिला के साथ बेरहमी से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल लोकल ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था बल्कि घटना के दौरान मूकदर्शक बने सहयात्रियों की भूमिका पर भी बहस छेड़ दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना 5 अगस्त को गोरेगांव (Goregaon) से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) हार्बर लोकल में हुई। आरोपी मोहम्मद रिजवान अंसारी (Mohammad Rizwan Ansari) जोगेश्वरी (Jogeshwari) स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था। सीट पर बैठने को लेकर उसकी एक महिला यात्री से कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि अंसारी ने महिला को कई थप्पड़ मारे, उसके साथ अश्लील गाली-गलौज की और बेल्ट निकालकर धमकाया। पूरी घटना का वीडियो किसी यात्री ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वायरल हुआ था झगड़े का वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद अंधेरी रेलवे पुलिस (Andheri Railway Police) ने तत्काल जांच शुरू की। वीडियो के आधार पर आरोपी और पीड़ित महिला की पहचान की गई। इसके बाद वडाला रेलवे पुलिस (Wadala Railway Police) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गोवंडी से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
जांच के दौरान आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया। उसने दावा किया कि उसका विवाद किसी महिला से नहीं बल्कि एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति से हुआ था। हालांकि पुलिस जांच में यह दावा गलत साबित हुआ और संबंधित पीड़ित महिला की पहचान कर उसका बयान दर्ज किया गया।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
अंधेरी रेलवे पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74, 296 और 115 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम और विवाद की वास्तविक वजह की विस्तृत जांच कर रही है।
मूकदर्शक बने रहे सहयात्री
घटना के वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कोच में कई यात्री मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी आगे बढ़कर महिला को बचाने या आरोपी को रोकने की कोशिश नहीं की। सोशल मीडिया पर लोग आरोपी की गिरफ्तारी की सराहना करने के साथ-साथ सहयात्रियों की इस चुप्पी पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और यात्रियों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
