चाकू दिखाकर लूटा नकदी भरा बैग
मुंबई : खार (Khar) स्टेशन के पास हुए लूटकांड की जांच में आरोपियों के संगठित अपराध से जुड़े होने के प्रमाण मिलने के बाद खार पुलिस (KHAR POLICE) ने मामले में महाराष्ट्र संगठित गुन्हेगारी नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लागू कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच के बाद अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग की पूर्व मंजूरी प्राप्त कर मकोका (Maharashtra Control of Organised Crime Act) की धाराएं जोड़ी गई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यह वारदात किसी सामान्य अपराध का नहीं, बल्कि संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों का हिस्सा थी।
5 लाख के बदले 10 लाख देने का झांसा
पुलिस के अनुसार यह मामला खार पुलिस थाने (Khar Police station) में अपराध क्रमांक 907/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया था। घटना 20 जून 2026 को खार पश्चिम (Khar West) स्थित वृंदावन होटल (Vrindavan Hotel) के सामने रोड नंबर 11 पर हुई, जबकि 21 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई गई। कांदिवली पश्चिम निवासी शिकायतकर्ता शुभणकर नारायण सालियन (Shubhankar Narayan Saliyan) ने पुलिस को बताया कि व्यवसाय के लिए पैसों की आवश्यकता के दौरान उनकी ट्रेन में इम्रान अहमद शेख उर्फ जितेंद्र जिग्नेश (Imran Ahmed Shaikh alias Jitendra Jignesh) से पहचान हुई। आरोपी ने पांच लाख रुपए देने पर दस लाख रुपए लौटाने का लालच दिया।
पुलिस बनकर की लूट
शिकायतकर्ता तय समय पर अपने मित्र के साथ 50 हजार रुपए नकद लेकर खार पश्चिम पहुंचे। आरोप है कि मुख्य आरोपी स्वयं वहां नहीं आया और अपने साथियों को भेज दिया। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर शिकायतकर्ता और उनके मित्र को रोका तथा चाकू दिखाकर नकदी से भरा बैग लूट लिया। इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने संजय दशरथ म्हात्रे (Sanjay Dashrath Mhatre), शक्ति कुमार रामशिश सिंह (Shakti Kumar Ramshish Singh) और इम्रान अहमद शेख उर्फ जितेंद्र जिग्नेश (Imran Ahmed Shaikh alias Jitendra Jignesh) को गिरफ्तार किया है।
आपराधिक रिकॉर्ड के बाद मकोका (MCOCA) लागू
जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से अपराध करने वाले गिरोह से जुड़े हैं। इसके आधार पर अपर पुलिस आयुक्त, पश्चिम प्रादेशिक विभाग, मुंबई की पूर्व स्वीकृति प्राप्त कर मामले में महाराष्ट्र संगठित गुन्हेगारी नियंत्रण अधिनियम, 1999 की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) को शामिल किया गया।
एसीपी बांद्रा कर रहे हैं आगे की जांच
पुलिस के अनुसार मकोका लागू होने के बाद अब इस मामले की आगे की जांच बांद्रा (Bandra) के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) द्वारा की जा रही है। पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित वारदातों की भी जांच कर रही है।
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