मुंबई: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चा ने जोर पकड़ा था, लेकिन अब इस प्रक्रिया पर विराम लगता नजर आ रहा है। सत्ताधारी राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं की चुप्पी और दिल्ली में हुई अहम मुलाकातों के बाद विलय की संभावना फिलहाल धुंधली हो गई है।
दिल्ली से मिले संकेत, विलय पर संशय
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के दो बड़े नेताओं की सलाह के बिना राष्ट्रवादी कांग्रेस कोई बड़ा फैसला नहीं लेगी। इसी वजह से फिलहाल विलय का सवाल ही नहीं उठता, ऐसा संकेत दिया जा रहा है।
अजीत पवार के निधन के बाद तेज हुई चर्चाएं
महापालिका और जिला परिषद चुनावों से पहले ही दोनों राष्ट्रवादी गुटों के एक साथ आने की चर्चा चल रही थी। अजीत पवार के निधन के बाद बने भावनात्मक माहौल में कार्यकर्ताओं की ओर से एकजुट होने की मांग और तेज हो गई थी। हालांकि, शरद पवार गुट को सत्ताधारी राष्ट्रवादी की ओर से कोई ठोस जवाब न मिलने से यह प्रक्रिया ठंडी पड़ती दिख रही है।
सुनेत्रा पवार का संगठन पर फोकस
विलय की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। उन्होंने पार्टी के हर विधायक से व्यक्तिगत संवाद करने का कार्यक्रम तय किया है। अगले सप्ताह से शुरू होने वाले इन संवाद सत्रों में विधायकों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनी जाएंगी। इसे पार्टी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पार्टी और सरकार, दोनों मोर्चों पर सक्रिय
उपमुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सुनेत्रा पवार ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है। दिल्ली दौरे के बाद उन्होंने पुणे की जिला नियोजन समिति (DPC) की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अध्यक्षता की और विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर उनकी सक्रिय भूमिका से कार्यकर्ताओं में भरोसा बढ़ने की बात कही जा रही है।
सुप्रिया सुळे का बड़ा बयान
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुळे ने विलय की चर्चाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि विलय को लेकर उनकी और अजित पवार के बीच चर्चा हुई थी और यह बात अजित पवार को मालूम थी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अब अजित पवार नहीं हैं, इसलिए उन चर्चाओं को सार्वजनिक करने का कोई अर्थ नहीं है।
भावुक हुईं सुप्रिया सुळे
सुप्रिया सुळे ने कहा, “एक आंख में आंसू हैं और दूसरी में खुशी।” सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की खुशी है, लेकिन अजित पवार के न होने का दुख कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि शरद पवार की तबीयत अब काफी बेहतर है और जल्द उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।
विलय पर फिलहाल विराम
कुल मिलाकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के विलय की चर्चा पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व की सलाह के बाद ही इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक संगठन को मजबूत करने और आंतरिक संवाद पर जोर दिया जाएगा।

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