मुंबई, 18 फरवरी: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि समावेशी विकास, वैश्विक निवेश, नई तकनीक और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार तेजी से कदम उठा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत को दुनिया का अग्रणी राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध और गतिशील है।
पीयूष गोयल मुंबई में विदेश मंत्रालय, फ्यूचर इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन काउंसिल (FECIC) और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ग्लोबल इकोनॉमिक को-ऑपरेशन समिट’ में बोल रहे थे।
अगले दो दशकों का विजन
संवाद सत्र के दौरान मंत्री गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार ने अगले दो दशकों के भीतर भारत को विश्व के शीर्ष देशों की श्रेणी में खड़ा करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों, वंचितों और मध्यम वर्ग के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।
बुनियादी ढांचे और आर्थिक समावेशन पर जोर
सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार किए हैं। गोयल ने बताया कि:
सीधा लाभ हस्तांतरण (DBT): प्रभावी डीबीटी प्रणाली के कारण भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रही है।
बुनियादी सुविधाएं: गरीबों को मुफ्त अनाज, आवास, गैस कनेक्शन और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा में लाया गया है।
गति शक्ति योजना: राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों के विकास को एकीकृत करने के लिए ‘गति शक्ति’ जैसे उपक्रम मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
स्टार्टअप और युवा शक्ति को प्रोत्साहन
युवाओं को देश की असली ताकत बताते हुए उन्होंने ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों को वैश्विक अनुभव देने के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान और दोहरी डिग्री जैसे विकल्पों पर ध्यान दिया जा रहा है। स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए सरकार हर संभव वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।
डिजिटल इंडिया और पारदर्शिता
डिजिटल इंडिया अभियान ने सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाया है। ई-गवर्नेंस के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। पीयूष गोयल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान किया कि विकसित देश भारत को उन्नत तकनीक और पूंजी प्रदान करने में सहयोग करें, जिससे भारतीय स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

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