मुंबई. रुपहले पर्दे की चकाचौंध भरी दुनिया वैसे से दूर से बहुत ही लुभावनी लगती है लेकिन इसके अंदर का अंधेरा बहुत ही भयानक है. इसका एहसास इंडस्ट्री में आने के बाद लोगों को पता चलता है. बॉलीवुड सहित दुनियाभर की फिल्म इंडस्ट्री में व्याप्त शोषण की प्रथा (कास्टिंग काउच) का खुलासा कई कलाकार अब तक कर चुके हैं. दौलत और शोहरत के लालच में इंडस्ट्री में आने वाले नवोदित कलाकारों खासकर महिलाओं को बड़े मौके का झांसा देकर ‘कॉम्प्रोमाइज’ के बारे में पूछा जाता है, अर्थात उनसे सेक्सुअल फेवर की डिमांड की जाती है. तो कुछ लोग टैलेंट परखने के नाम पर अलग तरह से नए कलाकारों को प्रताड़ित करते हैं. ‘मिर्झापूर’ फेम अभिनेत्री ईशा तलवार को भी अपने शुरुआती दिनों में कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ था.
एक साक्षात्कार के दौरान ईशा ने बताया कि यशराज फिल्म्स के लिए एक ऑडिशन के दौरान कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा ने उन्हें वर्सोवा स्थित ‘मिया कुसीना’ रेस्टोरेंट में बुलाया था. वहां शर्मा ने उन्हें टैलेंट दिखाने के नाम पर सबके बीच रोने को कहा था. बतौर ईशा, शर्मा ने उनसे कहा कि एक कलाकार के रूप में आपमें जगह या माहौल को लेकर कोई संकोच नहीं होना चाहिए. उनकी मांग ईशा को बेहद अटपटी लगी थी. क्योंकि उस वक्त उनकी टेबल के बगल में दूसरे ग्राहक खाना खा रहे थे. ईशा कहती हैं कि मुझे शर्मा के ऑडिशन का तरीका नहीं जंचा और मैं नहीं रोई और मुझे भूमिका नहीं मिली. ईशा ने नए कलाकारों से कहा है कि वे किसी तरह के दबाव में न आएं.
लेकिन मैं रोई नहीं…
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