बोले, स्थानीय निकाय चुनावों पर भी हो पुनर्विचार
चंद्रपुर: महाराष्ट्र में बार-बार होने वाले चुनावों के लिए लागू होने वाली आचार संहिता के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को उठाते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने मौजूदा चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आचार संहिता को समाप्त करने की मांग करने के साथ ही स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनावों की उपयोगिता पर भी पुनर्विचार की आवश्यकता जताई है।
बार-बार चुनावों से विकास कार्यों पर असर
मीडिया से बातचीत के दौरान सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य में सालभर किसी न किसी स्तर पर चुनाव होते रहते हैं और हर चुनाव के साथ आचार संहिता लागू हो जाती है. ऐसी स्थिति में सरकार के लिए विकास कार्यों को गति देना मुश्किल हो जाता है. उनके अनुसार, बार-बार लागू होने वाली आचार संहिता प्रशासन की निर्णय लेने की क्षमता और योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावित करती है.
आचार संहिता व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुनगंटीवार ने आचार संहिता के मौजूदा स्वरूप पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि विकास कार्यों में लगातार बाधाएं आ रही हैं तो इस व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आचार संहिता को समाप्त करने पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और विकास कार्यों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सके.
स्थानीय निकाय चुनावों की उपयोगिता पर टिप्पणी
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों को लेकर भी मुनगंटीवार ने विवादास्पद बयान दिया. उन्होंने कहा कि इन चुनावों की उपयोगिता का पुनर्मूल्यांकन होना चाहिए, क्योंकि इससे अपेक्षित लाभ दिखाई नहीं देता. उनका मानना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए चुनावी व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है.
जिला परिषद चुनावों में देरी पर चिंता
मुनगंटीवार ने जिला परिषद चुनावों के लंबे समय से लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने सवाल किया कि जब जिला परिषद चुनाव नहीं कराए गए हैं, तब अन्य चुनाव कराए जाना क्या ग्रामीण जनता के साथ अन्याय नहीं है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है और चुनावों में देरी से लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती है.
विधान परिषद चुनाव प्रणाली पर भी राय
विधान परिषद की चुनाव प्रणाली पर अपनी राय व्यक्त करते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि यदि किसी को विधायक बनना है तो उसे सीधे जनता के बीच से चुनकर आना चाहिए. उन्होंने अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली की बजाय प्रत्यक्ष जनादेश को अधिक महत्व देने की बात कही.
केंद्र सरकार को भेजेंगे पत्र
सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि चुनाव और आचार संहिता से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था में व्यापक नीतिगत बदलाव की जरूरत है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अपने सुझाव भेजेंगे. उनके इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ने की संभावना जताई जा रही है.

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